जानिये ! PM मोदी की अपील: खाने में तेल कम करने से कैसे बचेगा विदेशी मुद्रा
खाने में तेल कम करें: PM मोदी की इस अपील के पीछे छिपा है अर्थशास्त्र और सेहत का राज; जानिए क्या हैं स्वस्थ विकल्प”
हैदराबाद/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से अपनी जीवनशैली और खान-पान की आदतों में बदलाव करने की अहम अपील की है।
तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने नागरिकों से ईंधन बचाने, एक साल तक सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से बचने के साथ-साथ ‘खाने में तेल का उपयोग कम करने’ का विशेष आग्रह किया है।
प्रधानमंत्री की इस अपील के दो बड़े पहलू हैं—पहला देश की अर्थव्यवस्था (विदेशी मुद्रा भंडार) और दूसरा नागरिकों का बेहतर स्वास्थ्य।
अर्थव्यवस्था पर असर: कैसे बचेगा विदेशी मुद्रा भंडार?
भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य तेल (Edible Oil) आयातकों में से एक है। हम अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदते हैं:
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पाम तेल: मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से।
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सोयाबीन तेल: अर्जेंटीना और ब्राजील से।
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सूरजमुखी तेल: रूस और यूक्रेन से।
आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत ने लगभग 1,85,667 करोड़ रुपये के खाद्य तेल का आयात किया था।
यदि देश का हर परिवार तेल की खपत में थोड़ी भी कमी लाता है, तो आयात का यह भारी-भरकम बिल कम होगा।
इससे बहुमूल्य विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) की बचत होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रुपये (INR) की स्थिति मजबूत होगी।
सेहत के लिए वरदान: बीमारियों से मिलेगी मुक्ति
आर्थिक मोर्चे के साथ-साथ कम तेल खाने का सीधा असर हर भारतीय की सेहत पर पड़ेगा। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय खान-पान में समोसा, कचौड़ी, पूरी और भटूरे जैसे डीप-फ्राई (ज्यादा तेल में तले हुए) व्यंजनों का चलन बहुत ज्यादा है। ज्यादा तेल के सेवन से:
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मोटापा (Obesity) तेजी से बढ़ता है।
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डायबिटीज (मधुमेह) का खतरा कई गुना हो जाता है।
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दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियां (Heart Diseases) और कोलेस्ट्रॉल की समस्या पैदा होती है। इन बीमारियों से बचने के लिए तेल की खपत को नियंत्रित करना समय की सबसे बड़ी मांग है।
डीप-फ्राई छोड़ें, अपनाएं ये स्वस्थ विकल्प
डॉक्टर यह सलाह नहीं देते कि तेल का सेवन पूरी तरह से बंद कर दिया जाए, बल्कि इसके तरीके और मात्रा में बदलाव करने की जरूरत है।
खाने का स्वाद तेल से नहीं, बल्कि मसालों के सही अनुपात और पकाने के तरीके से आता है। तेल कम करने के लिए आप ये विकल्प अपना सकते हैं:
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एयर फ्राइंग (Air Frying): तली हुई चीजों के बजाय बहुत कम तेल में एयर फ्रायर का उपयोग करें।
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उबालना और भूनना: सब्जियों और स्नैक्स को तलने के बजाय उबालकर या भूनकर पकाने की आदत डालें।
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ग्रेवी के स्वस्थ विकल्प: सब्जियों की ग्रेवी को गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाने के लिए ज्यादा तेल के बजाय दही (Curd) और पिसी हुई मूंगफली का इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह अपील इस बात का संकेत है कि छोटी-छोटी व्यक्तिगत आदतें मिलकर न केवल एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकती हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत दे सकती हैं।











