Bank employees holding banners and protesting outside a branch during the nationwide bank strike for a 5-day work week

राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल: ठप रहेगा कामकाज, 5-डे बैंकिंग की मांग

राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल: शुक्रवार को ठप रहेंगी सेवाएं, 5-दिवसीय कार्य सप्ताह और पेंशन सुधार पर अड़े कर्मचारी”

वाराणसी/नई दिल्ली : वरिष्ठ पत्रकार दीपू की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN

अपनी प्रमुख मांगों को लेकर देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे।

इस हड़ताल का आह्वान ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (UFBU) ने किया है, जिसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) स्टाफ एसोसिएशन ने भी अपना पूर्ण समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

कर्मचारियों के काम पर न लौटने से देश भर में नकदी निकासी, चेक क्लीयरेंस और सामान्य बैंकिंग सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित होने की आशंका है।

हड़ताल की प्रमुख मांगें

बैंक कर्मियों का नेतृत्व कर रहे संगठनों ने सरकार और बैंक प्रबंधन के सामने मुख्य रूप से तीन मांगे रखी हैं:

  • 5-दिवसीय कार्य सप्ताह: लंबे समय से लंबित सप्ताह में केवल पांच दिन काम (5-Day Banking) की व्यवस्था को बिना किसी देरी के लागू करना।

  • PLI विसंगतियों में सुधार: परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) से जुड़ी मौजूदा खामियों को दूर कर सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को इसका पारदर्शी और उचित लाभ दिलाना।

  • पेंशन का स्थायी समाधान: सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन से जुड़े लंबित मामलों का एकमुश्त और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना ताकि उन्हें आर्थिक असुरक्षा से राहत मिल सके।

वाराणसी में दिखेगा व्यापक असर

प्रदेश सह संयोजक संजय शर्मा के अनुसार, इस हड़ताल में अकेले वाराणसी की करीब 400 बैंक शाखाओं के लगभग 3,000 कर्मचारी हिस्सा लेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की इन मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही थी।

कई स्तरों पर प्रबंधन से वार्ता का प्रयास किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक समाधान न निकलने पर अंततः राष्ट्रव्यापी हड़ताल का कड़ा निर्णय लेना पड़ा।

एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के उप महासचिव मनोज सिंह ने सभी बैंक कर्मियों से इस हड़ताल में एकजुट होकर शामिल होने का आह्वान किया है।

पूरे देश में यूनियनों की इस लामबंदी से साफ है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो बैंकिंग सेक्टर में आने वाले दिनों में और भी बड़े गतिरोध देखने को मिल सकते हैं।