CM Yogi Adityanath giving instructions on UP rain relief and road repair

यूपी बारिश: सीएम योगी का निर्देश, 24 घंटे में मुआवजा, गड्ढामुक्त होंगी सड़कें

यूपी में भारी बारिश पर सीएम योगी सख्त: 24 घंटे में मुआवजे का निर्देश, त्योहारों से पहले गड्ढामुक्त होंगी सड़कें”

लखनऊ : संतोष सेठ, संपादक (THE POLITICS AGAIN)

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश (अतिवृष्टि) को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है।

उन्होंने राज्य के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर ग्राउंड जीरो (फील्ड) पर उतरने और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बारिश, आकाशीय बिजली या जलभराव के कारण होने वाली जनहानि, पशुहानि और किसी भी प्रकार के आर्थिक नुकसान का तत्काल आकलन किया जाए और 24 घंटे के भीतर प्रभावितों को हर हाल में मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

जलभराव और सुरक्षा पर विशेष जोर

सीएम योगी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि राज्य के किसी भी हिस्से में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति न बने।

उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि आकाशीय बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और उफनती नदियों या जलाशयों में स्नान करने से बचें।

आपदा की इस घड़ी में अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने को कहा गया है ताकि जरूरतमंदों तक समय पर मदद पहुंचाई जा सके।

त्योहारों से पहले 681 प्रमुख मार्गों की होगी मरम्मत

भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई प्रदेश की सड़कों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक की। आगामी गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सीएम ने 681 प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है।

इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और बाजारों को जोड़ने वाली सड़कों की मरम्मत को तत्काल शुरू करने को कहा गया है, जिससे आम जनता को आवागमन में कोई असुविधा न हो।

सड़क मरम्मत केवल ‘पैचवर्क’ तक सीमित न रहे

सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि काम सिर्फ गड्ढों पर पैचवर्क (लीपापोती) तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

जहां आवश्यक हो, वहां सड़क का उचित नवीनीकरण (Renewal) कराया जाए ताकि वह लंबे समय तक टिकाऊ रहे।

फिलहाल बारिश के बीच सड़कों को ‘मोटरेबल’ (आवागमन योग्य) बनाने और मानसून के बाद स्थायी नवीनीकरण करने की रणनीति पर काम किया जाएगा।

बता दें कि प्रदेश के 9 विभागों के 4.36 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क में से 50 हजार किलोमीटर को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक लगभग 5,751 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।