Russian President Vladimir Putin being welcomed in New Delhi ahead of the 18th BRICS Summit and bilateral talks with PM Narendra Modi

पुतिन पहुंचे दिल्ली, PM मोदी संग द्विपक्षीय वार्ता; शी जिनपिंग भी आएंगे

ब्रिक्स समिट का महामंच: दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, PM मोदी से रक्षा-ऊर्जा पर अहम वार्ता; 7 साल बाद शी जिनपिंग भी पहुंच रहे भारत”

नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पूरी तरह सज चुकी है। वैश्विक कूटनीति के इस सबसे बड़े समागम में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं।

 

सम्मेलन से इतर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

पुतिन-मोदी वार्ता: सुखोई-57 और परमाणु संयंत्रों पर फोकस

यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच मोदी-पुतिन की यह बैठक अत्यंत संवेदनशील मानी जा रही है।

  • रक्षा व रणनीतिक सौदे: दोनों देशों के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान सुखोई-57 (Sukhoi-57) और नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को लेकर अहम सहमति बन सकती है।

  • रूसी प्रतिनिधिमंडल: पुतिन के आगमन से पहले रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं।

7 साल बाद भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर की दोपहर नई दिल्ली पहुंचेंगे। पिछले सात वर्षों में शी जिनपिंग की यह पहली भारत यात्रा होगी।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी के बीच भी द्विपक्षीय बैठक की रूपरेखा तय की गई है। अमेरिका में राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच भारत और चीन के शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात सीमा पर तनाव घटाने और संबंधों को सामान्य करने के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित हो सकती है।

कूटनीतिक संदेश: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को न्योता नहीं

इस शिखर सम्मेलन में भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश को लेकर कड़ा कूटनीतिक रुख देखने को मिला है।

बांग्लादेश सरकार ने पुष्टि की है कि अंतरिम व्यवस्था के बाद वहां के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को ब्रिक्स समिट के लिए भारत की ओर से कोई निमंत्रण नहीं भेजा गया है। इसे क्षेत्रीय कूटनीति में भारत के स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

11 सदस्य देश और 20 मेहमान राष्ट्र

ब्रिक्स समूह के ऐतिहासिक विस्तार के बाद यह पहला ऐसा सम्मेलन है जिसमें 11 पूर्ण सदस्य देशों के शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

ब्रिक्स संरचना शामिल देश
मूल व संस्थापक सदस्य भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका
नए पूर्ण सदस्य (2024-2025) मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई, इंडोनेशिया
विशेष आमंत्रित राष्ट्र 20 मेहमान देश (पार्टनर कंट्रीज सहित)

भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय महासम्मेलन में न केवल बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग, बल्कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में सुधार और ‘ग्लोबल साउथ’ की मजबूती पर साझा घोषणा-पत्र जारी किया जाएगा।