कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जूडो में हर्ष और अस्मिता ने जीता गोल्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जूडो में हर्ष सिंह और अस्मिता डे का ऐतिहासिक स्वर्णिम प्रदर्शन
ग्लास्गो/नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ग्लास्गो में चल रहे 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स (2026) के 9वें दिन भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है।
भारत ने जूडो स्पर्धा में अपना स्वर्णिम खाता खोलते हुए एक नहीं, बल्कि दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं।
हर्ष सिंह बने गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष दिल्ली के रहने वाले हर्ष सिंह ने 60 किलोग्राम वर्ग में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारत को जूडो में दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया।
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फाइनल मुकाबले में हर्ष ने ऑस्ट्रेलिया के कैट्ज जोशुआ को एकतरफा 10-0 से करारी शिकस्त दी।
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उन्होंने यह ऐतिहासिक जीत जूडो के मशहूर ‘वाजा-अरी’ दांव के जरिए हासिल की।
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इस जीत के साथ ही हर्ष सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।
अस्मिता डे ने जूडो में दिलाया था पहला गोल्ड
हर्ष सिंह की कामयाबी से पहले, भारत की अस्मिता डे ने 48 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया था।
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अस्मिता जूडो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
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फाइनल में उनका कड़ा मुकाबला कनाडा की हैदी क्वाश से था। तय समय तक दोनों 1-1 की बराबरी पर थीं।
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मैच का फैसला ‘सडन डेथ’ (गोल्डन स्कोर) राउंड में हुआ, जहां अस्मिता ने निर्णायक पॉइंट बनाकर स्वर्णिम जीत दर्ज की।
खत्म हुआ जूडो में गोल्ड का लंबा सूखा
इन दोनों युवा खिलाड़ियों की ऐतिहासिक जीत के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का जूडो में गोल्ड मेडल का सालों पुराना सूखा आखिरकार खत्म हो गया है।
इससे पहले भारतीय खिलाड़ी कई बार फाइनल तक पहुंचे, लेकिन उन्हें 5 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा था।
पदक तालिका में भारत की बड़ी छलांग
हर्ष सिंह द्वारा जीता गया यह गोल्ड मेडल इन खेलों में भारत का 5वां गोल्ड और कुल 19वां मेडल है।
इन जीतों के साथ ही भारत पदक तालिका में 8वें स्थान पर पहुंच गया है और उसने न्यूजीलैंड को भी पछाड़ दिया है। भारत अब तक 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर चुका है।










