BSP Chief Mayawati addressing media regarding UP Assembly Election candidates.

यूपी चुनाव: बसपा ने 25 उम्मीदवार किए तय, मायावती का बड़ा ऐलान

यूपी चुनाव: बसपा ने 25 उम्मीदवार किए तय, मायावती का बड़ा ऐलान”

लखनऊ : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने आगामी यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

शुक्रवार को मायावती ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी ने 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में करीब 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार फाइनल कर लिए हैं।

उम्मीदवार चयन पर मायावती ने किया स्थिति स्पष्ट

अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (X) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए बसपा प्रमुख ने पार्टी संगठन और चुनाव तैयारियों को लेकर कई अहम जानकारियां साझा कीं।

  • उन्होंने बताया कि चुनाव की तैयारियों के लिए लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में कई राज्य स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं।

  • इन बैठकों में प्रदेश और मंडल स्तरीय पदाधिकारियों को उम्मीदवारों के चयन के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

  • साक्षात्कार के बाद अब तक दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों के नाम तय किए जा चुके हैं।

  • मायावती ने जोर देकर कहा कि आगे भी सभी बची हुई सीटों पर उम्मीदवारों का अंतिम फैसला केवल उनके द्वारा ही लिया जाएगा।

भतीजे आकाश आनंद को लेकर फैले भ्रम को नकारा

पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों और मीडिया में यह चर्चा थी कि बसपा प्रमुख के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • मायावती ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि “न सिर्फ उत्तर प्रदेश में, बल्कि पूरे देश में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप मैं ही देती हूं।”

  • उन्होंने बताया कि आकाश आनंद पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरह ही उनके दिशा-निर्देशन में काम कर रहे हैं।

  • जिन सीटों पर उम्मीदवार तय हो चुके हैं, वहां पार्टी के पदाधिकारी और आकाश आनंद जनसभाएं कर उनका आधिकारिक ऐलान करेंगे।

मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर आकाश आनंद के बारे में अनाप-शनाप बातें करने वाले शरारती और जातिवादी तत्वों से पार्टी के लोग सावधान रहें।

उन्होंने याद दिलाया कि 2007 में बसपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी और पार्टी अब उसी मजबूती के साथ दोबारा वापसी की कोशिश में जुटी है।