गुजरात के गांधीनगर में सहकारिता आधारित 'भारत टैक्सी' का आधिकारिक शुभारंभ करते केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह।

गुजरात: अमित शाह ने लॉन्च की ‘भारत टैक्सी’, सारथी बने मालिक

प्राइवेट कंपनियों की मनमानी होगी खत्म: अमित शाह ने गुजरात में लॉन्च की ‘भारत टैक्सी’, अब ड्राइवर नहीं बल्कि ‘मालिक’ कहलाएंगे 7 लाख सारथी”

गांधीनगर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मोबिलिटी और ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र को धरातल पर उतारते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर सम्मेलन केंद्र से सहकारिता आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) का भव्य शुभारंभ किया है।

अब अहमदाबाद, सूरत, राजकोट सहित गुजरात के सभी बड़े शहरों में टू-व्हीलर, ऑटो और फोर-व्हीलर तीनों श्रेणियों में भारत टैक्सी की सेवाएं आम जनता के लिए उपलब्ध होंगी।

ड्राइवर नहीं, ‘सारथी’ हैं भारत टैक्सी के असली मालिक

समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ‘ड्राइवर’ और ‘सारथी’ की अवधारणा में बहुत बड़ा अंतर है।

उन्होंने प्राइवेट कैब कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा, “निजी कंपनियां चालकों को केवल ड्राइवर मानती हैं और उनका शोषण करती हैं, लेकिन ‘भारत टैक्सी’ उन्हें ‘सारथी’ का सर्वोच्च सम्मान देती है।

भारत टैक्सी में सारथी केवल ड्राइवर नहीं, बल्कि इसके सीधे शेयर होल्डर (Shareholder) हैं।”

उन्होंने बताया कि इस प्लेटफॉर्म से अब तक 7 लाख सारथी जुड़ चुके हैं, जो अब किसी ऐप कंपनी पर निर्भर नहीं हैं बल्कि अपनी कोऑपरेटिव कंपनी के खुद मालिक हैं। यह मॉडल उन्हें सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि तीनों प्रदान कर रहा है।

कंपनियों के प्राइस वॉर पर अमित शाह का करारा प्रहार

प्राइवेट स्पर्धी कंपनियों द्वारा अचानक किराये के दाम घटाने पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह केवल ‘भारत टैक्सी’ की एंट्री को रोकने की एक सोची-समझी साजिश है, ताकि विदेशी और निजी कंपनियां फिर से बाजार में अपना एकाधिकार (Monopoly) जमाकर मनमानी कर सकें।

उन्होंने सारथियों और ग्राहकों से अपील की कि वे तात्कालिक लाभ या छोटे डिस्काउंट के बजाय इस स्वदेशी और सहकारिता मॉडल को आगे आकर अपनाएं। भारत टैक्सी सेवा के दृढ़ संकल्प के साथ मैदान में डटी रहेगी।

लोन, बीमा और विस्तार में मिलेगी पूरी मदद

यह केवल एक राइड-हेलिंग ऐप नहीं है, बल्कि सारथियों की अपनी ‘कोऑपरेटिव’ (सहकारी समिति) है।

यह समिति अपने सारथियों को वाहन खरीदने के लिए ऋण (Loan) सहायता, जीवन और स्वास्थ्य बीमा (Insurance) की सुरक्षा और बिजनेस एक्सपेंशन (Business Expansion) के मॉडल को पोषित करेगी।

क्या है भारत टैक्सी का फ्यूचर प्लान और MoU?

  • आगामी विस्तार: 31 जुलाई से पहले देश के 7 प्रमुख शहरों में भारत टैक्सी की सेवाएं शुरू हो जाएंगी। वहीं आगामी 2 वर्षों में इसे देश के 500 से अधिक शहरों और कस्बों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

  • रणनीतिक समझौते (MoU): भारत टैक्सी ने अपनी सेवाओं को सुगम बनाने के लिए गुजरात मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, ट्रैफिक पुलिस, अहमदाबाद एयरपोर्ट और पश्चिम रेलवे के साथ महत्वपूर्ण समझौते (MOU) किए हैं, जिससे ग्राहकों को स्टेशन और एयरपोर्ट पर निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज भारत के मोबिलिटी क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ा दिन है।

उन्होंने कहा कि देश के विकास के साथ टैक्सी और यातायात सेवाओं की आवश्यकता घर-घर तक पहुंची है और अब टैक्सी की अवधारणा चारपहिया वाहन तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोपहिया, ऑटो और अन्य शहरी परिवहन सेवाएं भी इसका हिस्सा बन चुकी हैं।

गुजरात में ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ इसी व्यापक मोबिलिटी जरूरत को सहकारिता के माध्यम से नई दिशा देने वाला कदम है।

श्री अमित शाह ने कहा कि अन्य कंपनियां वाहन चलाने वालों को ड्राइवर मानती हैं, लेकिन भारत टैक्सी उन्हें ‘सारथी’ मानती है।

उन्होंने कहा कि यह केवल शब्दों का अंतर नहीं, बल्कि पूरी सोच का अंतर है। ‘सारथी’ केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि इस सहकारी संस्था के सम्मानित भागीदार और ‘मालिक’ हैं।

भारत टैक्सी का मूल उद्देश्य सारथियों और ग्राहकों—दोनों का शोषण रोकना, सेवा की गुणवत्ता बढ़ाना और मोबिलिटी क्षेत्र में न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करना है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर अनेकशिकायतें सामने आईं—कहीं सारथियों की कमाई से अत्यधिक कमीशन लिया गया, कहीं भुगतान समय पर नहीं पहुंचा, तो कहीं बिना सुनवाई के रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान केवल कानून से नहीं होता; कई बार सही संस्थागत मॉडल ही स्थायी समाधान देता है। इसी सोच से सहकारी मॉडल पर भारत टैक्सी की परिकल्पना की गई।

श्री अमित शाह ने कहा कि सहकारिता ने देश में कई क्षेत्रों में शोषण समाप्त कर लोगों को अधिकार और समृद्धि दी है।

अमूल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मात्र ₹100 के शेयर से सहकारी व्यवस्था से जुड़ने वाली ग्रामीण पशुपालक बहन आज ₹1.25 लाख करोड़ के कारोबार वाले विश्वसनीय खाद्य ब्रांड की भागीदार है।

अमूल ने यह सिद्ध किया है कि सहकारिता के माध्यम से बिना बिचौलियों, बिना शोषण और पूरी पारदर्शिता के साथ एक विशाल आर्थिक व्यवस्था खड़ी की जा सकती है।

इस मॉडल ने दुग्ध क्षेत्र में शोषण को समाप्त किया और पशुपालक बहनों की मेहनत की कमाई को सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंचाया।

आज ग्रामीण भारत की पशुपालक बहन अपने श्रम का पूरा मूल्य सम्मान के साथ प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार इफको और कृभको जैसी सहकारी संस्थाएँ आज देश के किसानों की उर्वरक आवश्यकता का लगभग 35 प्रतिशत पूरा करती हैं।

यह भी सहकारिता की एक बड़ी सफलता की कहानी है। भारत टैक्सी इसी सफल सहकारी परंपरा को मोबिलिटी क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि कई लोगों ने यह सवाल उठाया कि भारत टैक्सी जैसी पहल के लिए संसाधन कहाँ से आएंगे।

इस पर देश की प्रमुख सहकारी संस्थाओं से संवाद किया गया और उन्हें इस महत्वपूर्ण पहल से जुड़ने का आग्रह किया गया।

यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि एनसीडीसी, इफको, कृभको, एनडीडीबी, नाबार्ड, एनसीईएल और अमूल जैसी प्रतिष्ठित सहकारी संस्थाओं ने मिलकर मोबिलिटी क्षेत्र में सारथियों की अपनी सहकारी संस्था खड़ी करने का निर्णय लिया है।

ताकि देश की बड़ी निजी कंपनियों के सामने एक सशक्त, पारदर्शी और सारथी-केंद्रित सहकारी विकल्प प्रस्तुत किया जा सके।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अब तक भारत टैक्सी के साथ 7 लाख से अधिक सारथी जुड़े चुके हैं।

भारत टैक्सी सारथियों को सम्मान देगी, सुरक्षा देगी और आने वाले समय में समृद्धि का रास्ता भी प्रशस्त करेगी।

उन्होंने कहा कि यह सहकारी संस्था सारथियों की कमाई की रक्षा करने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में ऋण, बीमा और अपने व्यवसाय के विस्तार में भी सहयोग करेगी।

अब तक लगभग 37 लाख से ग्राहक भारत टैक्सी की सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और जनविश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।

श्री अमित शाह ने गुजरात के सभी सारथियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत टैक्सी की सफलता सेवा-भाव, सहकारी भावना और सारथियों की भागीदारी से तय होगी।

उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी से जुड़कर सारथियों ने अपनी समृद्धि, सम्मान और सुरक्षा—तीनों का रास्ता प्रशस्त किया है।

कार्यक्रम में भारत टैक्सी के विस्तार और सुचारु संचालन के लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों  का आदान-प्रदान भी किया गया।

इनमें भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, राजकोट; भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, सूरत; गुजरात मेट्रो रेल कॉरपोरेशन; अहमदाबाद नगर निगम/बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम; गुजरात राज्य सहकारी बैंक; अदानी एयरपोर्ट; गुजरात ट्रैफिक पुलिस; पश्चिम रेलवे-अहमदाबाद मंडल और वडोदरा एयरपोर्ट शामिल हैं।

इन समझौता ज्ञापनों से हवाई अड्डों, रेलवे, मेट्रो, शहरी परिवहन और यातायात प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में भारत टैक्सी की सेवा पहुंच को और मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।