Prime Minister Narendra Modi addressing global leaders on maritime security at the G7 Summit in Evian, France

G7 सम्मेलन : PM मोदी की दो टूक, समुद्री मार्गों को सुरक्षित करें

🌊 G7 में PM मोदी की दो-टूक: “बिना डर के काम कर सकें नाविक”, अमेरिकी हमले में 3 भारतीयों की मौत पर उठाया ‘समुद्री सुरक्षा’ का मुद्दा

एवियन (फ्रांस): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना (US Military) के एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत के कुछ ही दिनों बाद, भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच से कड़ा संदेश दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में ‘समुद्री सुरक्षा’ (Maritime Security) के मुद्दे को बेहद जोरदार और आक्रामक तरीके से उठाया।

‘The Politics Again’ की इस विशेष कूटनीतिक रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं के सामने किन अहम मुद्दों को रखा:

🚢 “समुद्री व्यापार में रुकावटों से गई भारतीयों की जान”

G7 शिखर सम्मेलन के ‘नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ रहे तनाव पर चिंता जताई।

  • भारतीयों का जिक्र: प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि समुद्री व्यापार में रुकावटों से न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है, बल्कि इसके कारण “कई भारतीय नागरिकों की जान भी गई है।”

  • सुरक्षित रहें रास्ते: पिछले हफ्ते ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए अमेरिकी सेना के हमले में 3 भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी, जिसे लेकर भारत में भारी गुस्सा है।

  • इसी संदर्भ में पीएम मोदी ने जोर देकर कहा,

  • “यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। हमें यह पक्का करना होगा कि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।”

सबसे अहम बात यह रही कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह कड़ा संदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के साथ होने वाली अपनी अहम द्विपक्षीय बैठक से ठीक एक दिन पहले दिया है।

🤝 “भरोसा ही दुनिया की सबसे बड़ी रणनीतिक संपत्ति”

वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) की मौजूदा परिस्थितियों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने देशों के बीच ‘आपसी विश्वास’ पर सबसे ज्यादा जोर दिया।

  • उन्होंने कहा,

  • “आज की दुनिया में सबसे अहम रणनीतिक संपत्ति न तो खनिज हैं, न तकनीक और न ही बाजार, बल्कि आपसी भरोसा (Mutual Trust) है।”

  • प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि आज की दुनिया एक-दूसरे पर बहुत अधिक निर्भर है। किसी भी देश की ऊर्जा, भोजन, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा केवल उसकी अपनी सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई है। ऐसे में साझेदारी तभी सफल होती है जब उसके मूल में ‘भरोसा’ हो।

🌍 ‘ग्लोबल साउथ’ की उठाई आवाज

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की चिंताओं को भी प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने G7 नेताओं को याद दिलाया कि ये देश अब वैश्विक विकास में केवल ‘सहायता’ (Aid) नहीं चाहते, बल्कि वे दुनिया की विकास यात्रा में समान भागीदारी और ‘सक्रिय साझेदार’ (Active Partners) बनना चाहते हैं।

G7 के इतने बड़े मंच से पीएम मोदी के इस स्पष्ट और दो-टूक बयान को समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एक नई विश्व व्यवस्था (New World Order) के निर्माण की दिशा में भारत के एक मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है।

नोट: भारत की विदेश नीति, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, G7 सम्मेलनों के अपडेट और दुनिया की हर बड़ी हलचल की सटीक खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।