बिहार में अश्लील और जातिसूचक गानों पर लगा सख्त बैन
🚫बिहार में अब ‘डबल मीनिंग’ और अश्लील गाने बजाए तो खैर नहीं! BNS के तहत दर्ज होगा केस, सरकार ने जारी किया सख्त फरमान”
पटना: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
बिहार में अब सार्वजनिक स्थानों, शादी-विवाह या गाड़ियों में अश्लील और जातिसूचक गाने बजाना भारी पड़ सकता है।
बिहार सरकार (Bihar Government) ने समाज में वैमनस्य और अश्लीलता फैलाने वाले गीतों पर सख्त रुख अपना लिया है।
सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसे जातिसूचक और दोहरे अर्थ (Double Meaning) वाले भद्दे गानों को गाने या बजाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार ने यह फैसला क्यों लिया है और पुलिस को क्या निर्देश दिए गए हैं:
📜 कला एवं संस्कृति विभाग ने गृह विभाग को लिखा पत्र
बिहार में लंबे समय से ऑटो, ट्रकों और सार्वजनिक आयोजनों में बजने वाले अश्लील भोजपुरी और स्थानीय गानों को लेकर शिकायतें आ रही थीं।
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इसे गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने मंगलवार को गृह विभाग को एक विस्तृत पत्र लिखा है।
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इस पत्र में गृह विभाग से अनुरोध किया गया है कि राज्य में ऐसे आपत्तिजनक गीतों के प्रसारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
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सरकार ने सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM), एसएसपी (SSP), एसपी (SP) और अन्य संबंधित अधिकारियों को इस फरमान का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भेज दिए हैं।
⚠️ ‘सामाजिक सौहार्द और शांति हो रही है भंग’
कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि समाज में विभाजनकारी भावनाओं को भड़काने वाले अश्लील, जातिवादी और डबल मीनिंग गाने खुलेआम बज रहे हैं।
ये गाने सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, वाहनों, विवाह समारोहों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बिना किसी रोक-टोक के बजाए जा रहे हैं। पत्र में चिंता जताई गई है कि इसके परिणामस्वरूप समाज में आपसी भाईचारा बढ़ने के बजाय:
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अश्लीलता और हिंसक घटनाएं बढ़ रही हैं।
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परस्पर घृणा, वैमनस्य और कटुता फैल रही है।
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सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था भंग हो रही है।
👩👧 “महिलाओं और बच्चों के लिए असहज है स्थिति”
आपत्तिजनक गानों के खिलाफ इस बड़े एक्शन पर बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार ने कड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा, “ऐसे भद्दे गाने आम जनता, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए बेहद असहज स्थिति पैदा करते हैं। यह एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिससे पूरा समाज प्रभावित हो रहा है।”
मंत्री ने आगे कहा कि बिहार की एक समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा है, जिसकी गरिमा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।
🚨 सीधे BNS के तहत दर्ज होगी FIR
सरकार ने पुलिस-प्रशासन को खुली छूट दे दी है। राज्य के सभी जिलों की पुलिस को यह सख्त निर्देश दिया गया है कि यदि अब सार्वजनिक कार्यक्रमों, बसों, ट्रकों या ऑटो-रिक्शा में किसी ने भी अश्लील या भद्दे गीत बजाए, तो उसके खिलाफ चेतावनी नहीं दी जाएगी, बल्कि सीधे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक केस दर्ज किया जाएगा।
नोट: बिहार सरकार के अहम फैसलों, प्रशासनिक आदेशों और राज्य की हर प्रामाणिक खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।











