जौनपुर : अनियमितता पाए जाने पर छीने गए वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार
“विकास खण्ड शाहगंज सोंधी के मानीकलां ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान मोहम्मद अरशद पर अपने सगे भाई और भतीजे की फर्मों को पंचायत की योजनाओं में भुगतान करने का आरोप जांच में सही पाया गया है। इस मामले में जिलाधिकारी ने प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं”
ग्राम प्रधान मोहम्मद अरशद ने मो. अरशद एंड ब्रदर्स एजेंसी और अतीक एंड ब्रदर्स एजेंसी के माध्यम से पंचायत में आपूर्ति कराई और लाखों रुपये का भुगतान किया। शासनादेश के अनुसार, ग्राम प्रधान अपने परिजनों की फर्मों से किसी प्रकार का लेन-देन नहीं कर सकते हैं।
शिकायतकर्ता फातेह आलम ने इस मामले की शिकायत पंचायतीराज निदेशक को सबूतों के साथ भेजी थी। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने भी समयबद्ध जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पंचायत में बड़े स्तर पर भाई-भतीजावाद होना सिद्ध हुआ है।
अदालत के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया था। जांच के दौरान ग्राम प्रधान और सचिव ने शासनादेश की जानकारी न होने का हवाला दिया। लेकिन दस्तावेजों और स्वामित्व की पुष्टि के आधार पर दोनों फर्मों का प्रधान से रिश्ता स्पष्ट हो गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी कार्यालय ने सख्त रुख अपनाते हुए ग्राम प्रधान के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार निलंबित कर दिए हैं। DPRO कार्यालय से मिले बयान के अनुसार, शासन की मंशा स्पष्ट है – पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं होगा।
अब यह मामला अंतिम जांच के लिए परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के पास भेजा गया है। अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की तकनीकी टीम की मदद से एक महीने के भीतर जांच पूरी की जाएगी।
यह कार्रवाई पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और शासनादेश की अवहेलना पर सख्त संदेश देने के तौर पर देखी जा रही है। ग्रामीणों में भी इस कार्रवाई के बाद प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है।











