ऑपरेशन सिंदूर में 6 जवानों की शहादत और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के वायरल वीडियो को लेकर रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के वायरल वीडियो पर रक्षा मंत्रालय की सफाई

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह के वायरल वीडियो पर रक्षा मंत्रालय की सख्त ‘सफाई’, बताया क्या है बयान का असली सच”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और PoK में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के दौरान 6 जवानों की शहादत की खबर सामने आने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है।

सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते सुने जा रहे हैं कि ‘इस ऑपरेशन में एक भी भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ।’

इस क्लिप के वायरल होने और विपक्ष के तीखे हमलों के बाद अब रक्षा मंत्रालय (MoD) ने शनिवार को एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है।

क्या है वायरल वीडियो का विवाद?

दरअसल, सरकार ने हाल ही में पहली बार आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी थी कि पिछले साल मई (2025) में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान 6 सैन्य कर्मियों (थलसेना के पांच और वायुसेना के एक कर्मी) ने सर्वोच्च बलिदान दिया था।

इन वीरों के नाम अब ‘राष्ट्रीय समर स्मारक’ (National War Memorial) पर भी अंकित कर दिए गए हैं।

इस खुलासे के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री का एक पुराना वीडियो शेयर किया जाने लगा, जिससे यह संदेश गया कि सरकार ने संसद में झूठ बोला या शहीदों के बलिदान को छिपाया।

रक्षा मंत्रालय की सफाई: ‘पोस्ट गुमराह करने वाली हैं’

रक्षा मंत्रालय ने अपने कड़े बयान में वायरल हो रहे इस वीडियो को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यों के विपरीत बताया है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया, “सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में 28 जुलाई, 2025 को संसद में दिए गए रक्षा मंत्री के भाषण को गलत तरीके से पेश करने की दुर्भावनापूर्ण कोशिश की गई है।

भाषण के एक छोटे हिस्से को काटकर गलत मतलब निकाला गया है। ये पोस्ट जानबूझकर जनता को गुमराह करने वाली हैं।”

‘भाषण के पूरे संदर्भ को किया गया नजरअंदाज’

मंत्रालय ने वायरल वीडियो की असलियत बताते हुए कहा कि आलोचकों ने जान-बूझकर रक्षा मंत्री की बातों के पूरे संदर्भ (Context) को नजरअंदाज कर दिया है।

बयान में कहा गया, “यह याद रखना जरूरी है कि जिस समय रक्षा मंत्री ने संसद में वह भाषण दिया था, उस वक्त मीडिया और सोशल मीडिया पर एक खास तरह का झूठा नैरेटिव चलाया जा रहा था।

दावा किया जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ‘भारतीय पायलट खो गए’ हैं या पकड़े गए हैं।

यह पूरी तरह से झूठी खबर थी, जिसे भारत के ऑपरेशन की सफलता को कमतर आंकने और जनता का मनोबल गिराने के लिए फैलाया जा रहा था।

रक्षा मंत्री ने उसी शरारतपूर्ण झूठ का सटीक जवाब देते हुए वह बयान दिया था।”

ऑपरेशन सिंदूर: 100 से ज्यादा आतंकी हुए थे ढेर

रक्षा मंत्रालय ने देशवासियों को ऑपरेशन सिंदूर की अपार सफलता की याद दिलाते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान में 100 से ज्यादा आतंकवादियों और पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया गया था।

साथ ही, पाकिस्तानी एयर बेस और नियंत्रण रेखा (LoC) पर उनके बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया गया था।

अंत में मंत्रालय ने कहा कि संसद में दिया गया रक्षा मंत्री का वह बयान भारतीय रक्षा बलों के अदम्य साहस और पेशेवरपन के लिए एक सम्मान था।

यह उन दुश्मनों के लिए एक स्पष्ट संदेश था जो भारत का बुरा चाहते हैं, और इसे राजनीतिक स्वार्थ के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया जाना चाहिए।