रक्षा क्षेत्र में MSME और स्टार्ट-अप्स के लिए दिल्ली में बड़ी कार्यशाला
रक्षा क्षेत्र में MSMEs और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा: दिल्ली में कल से शुरू होगी बड़ी कार्यशाला; रक्षा खरीद और iDEX पर होगा महामंथन “
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
रक्षा विनिर्माण (Defense Manufacturing) के क्षेत्र में भारत को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने और घरेलू कंपनियों की भागीदारी को रिकॉर्ड स्तर पर ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
‘The Politics Again’ की डिफेंस और कॉर्पोरेट डेस्क के अनुसार, देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और स्टार्ट-अप्स को रक्षा इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए दिल्ली में दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में 11 और 12 जून, 2026 को होने वाले इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योगों और नवाचार (Innovation) करने वाले स्टार्ट-अप्स में जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें सेना की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाने में मदद करना है।
🤝 संयुक्त प्रयास से स्वदेशीकरण को मिलेगी रफ्तार
इस उच्च स्तरीय कार्यशाला का आयोजन तीन प्रमुख संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है:
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स्वदेशीकरण निदेशालय (Directorate of Indigenisation)
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एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (HQ IDS)
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संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (CENJOWS)
इस मंच पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को सीधे सेना के शीर्ष अधिकारियों, डीजीक्यूए (DGQA), सेवा मुख्यालयों और डीआरडीओ (DRDO) के विशेषज्ञों से संवाद करने और रक्षा खरीद की जटिल प्रक्रियाओं को आसान भाषा में समझने का मौका मिलेगा।
उद्घाटन सत्र को एकीकृत रक्षा स्टाफ के उप प्रमुख एयर मार्शल प्रवीण केशव वोहरा और सीईएनजेओडब्ल्यूएस के महानिदेशक मेजर जनरल डॉ. अशोक कुमार (सेवानिवृत्त) संबोधित करेंगे।
🗓️ दो दिनों का पूरा एजेंडा: किस दिन क्या होगा खास?
कार्यशाला को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि नए उद्यमियों को व्यापार की शुरुआत से लेकर तकनीकी परीक्षण तक की पूरी जानकारी मिल सके:
पहला दिन (11 जून): रक्षा खरीद और सरकारी पोर्टल
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रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP): सेना के लिए होने वाली खरीद के नियमों और श्रेणियों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
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सृजन (Srijan) पोर्टल: इस सरकारी पोर्टल के माध्यम से आयात की जाने वाली रक्षा वस्तुओं की स्वदेशी मैपिंग (Import Substitution) और घरेलू स्तर पर उनके निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
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बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR): रक्षा क्षेत्र में नए आविष्कारों के पेटेंट और सुरक्षा के नियमों को समझाया जाएगा।
दूसरा दिन (12 जून): iDEX, टेस्टिंग और फंडिंग
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iDEX पहल और प्रोटोटाइप: ‘रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार’ (iDEX) ढांचे के तहत स्टार्ट-अप्स को मिलने वाली मदद और उनके शुरुआती मॉडल (Prototype) को विकसित करने की प्रक्रिया पर मंथन होगा।
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परीक्षण और प्रमाणन (Testing & Certification): सेना के इस्तेमाल के लिए उत्पादों के कड़े पर्यावरणीय और उपयोगकर्ता परीक्षणों (User Trials) की बारीकियों को स्पष्ट किया जाएगा।
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DRDO और तकनीक स्तर: अनुसंधान एवं विकास (R&D) में डीआरडीओ की भूमिका और टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल्स (TRLs) को समझाया जाएगा।
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फंडिंग और पैनल चर्चा: स्टार्ट-अप्स के लिए सबसे जरूरी पूंजी (Capital) की व्यवस्था के लिए बड़े पूंजीपतियों (Venture Capitalists) के साथ एक विशेष पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी।
मुख्य उद्देश्य:
इस कार्यशाला में केवल नीतियां ही नहीं बताई जाएंगी, बल्कि विशेष प्रश्नोत्तर सत्रों (Q&A) के माध्यम से उद्योगपतियों की व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान निकाला जाएगा।
यह पहल रक्षा बलों और भारतीय उद्योग के बीच घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देकर ‘मेक इन इंडिया’ को और सुदृढ़ करेगी।










