Electronic Voting Machines (EVM) and election preparations in Uttar Pradesh and other states for early assembly polls

बड़ी खबर : UP समेत 5 राज्यों में समय से पहले चुनाव संभव – सूत्र

🗳️ देश की सियासत में बड़ा भूचाल: UP समेत 5 राज्यों में समय से पहले हो सकते हैं विधानसभा चुनाव, जानिए क्या है केंद्र का मेगा प्लान “

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देश के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में निर्धारित समय से पहले ही विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) कराए जा सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इन राज्यों में अगले साल फरवरी-मार्च के बजाय इसी साल नवंबर-दिसंबर (2026) में चुनाव कराने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि समय से पहले चुनाव कराने के पीछे केंद्र सरकार की क्या मजबूरी है और राजनीतिक दलों में इसे लेकर क्या हलचल है:

📊 क्यों लिया जा रहा है समय से पहले चुनाव का फैसला?

दरअसल, अगले साल फरवरी 2027 में देश में जनगणना (Census) का दूसरा चरण प्रस्तावित है, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर सामाजिक और आर्थिक जानकारी एकत्रित करेंगे।

अगर उसी समय चुनाव भी होते हैं, तो भारी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी, जिसे पूरा करना असंभव होगा।

चुनाव और जनगणना दोनों को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए ही चुनावों को पहले कराने की तैयारी है।

विभिन्न राज्यों में जनगणना के लिए आवश्यक अनुमानित कर्मचारियों की संख्या इस प्रकार है:

राज्य

आवश्यक सरकारी कर्मचारी (अनुमानित)

उत्तर प्रदेश

कम से कम 5.5 लाख

पंजाब

लगभग 2.0 लाख

उत्तराखंड

लगभग 50 हजार

गोवा

लगभग 50 हजार

मणिपुर

लगभग 50 हजार

 

🏔️ उत्तराखंड को मिल सकती है जल्द चुनाव से छूट

भाजपा की तीन राज्य इकाइयों (उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड) से जुड़े सूत्रों ने इस चर्चा की पुष्टि की है। हालांकि, उत्तराखंड को लेकर एक अलग समीकरण बन रहा है:

  • सितंबर में ही जनगणना: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में दूसरे चरण की जनगणना का काम इसी साल सितंबर में ही पूरा हो जाएगा।

  • राहत की उम्मीद: ऐसे में उत्तराखंड राज्य इकाई को उम्मीद है कि उन्हें समय से पहले चुनाव कराने से छूट मिल सकती है और वहां चुनाव अपने तय समय (फरवरी-मार्च) पर ही होंगे।

⚡ भाजपा नेतृत्व का निर्देश: ‘जुलाई के पहले हफ्ते तक पूरी करें तैयारियां’

संभावित समय से पहले चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है।

पार्टी ने सभी राज्य इकाइयों को आगाह करते हुए चुनावी तैयारियों को इसी महीने अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। राज्य संगठनों से कहा गया है कि वे:

  • बूथ कमेटियों के गठन को अंतिम रूप दें।

  • संगठन में लंबित सभी नियुक्तियों को तुरंत पूरा करें।

  • जुलाई के पहले सप्ताह तक अपनी पूरी चुनावी मशीनरी को तैयार रखें।

📜 चुनाव आयोग का रुख: ‘मतदाता सूची नहीं बनेगी बाधा’

हालांकि चुनाव आयोग (EC) के सूत्रों का कहना है कि उन्हें अभी तक सरकार की ओर से समय से पहले चुनाव कराने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

लेकिन आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर नवंबर में चुनाव होते हैं, तो मतदाता सूची (Voters List) इसमें कोई बाधा नहीं बनेगी।

राज्यों में एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, और जरूरत पड़ने पर जनवरी में जारी होने वाली अंतिम सूची को 3 महीने पहले ही फाइनल किया जा सकता है।

🤝 विपक्षी खेमे में मची हलचल: अखिलेश और राहुल के बीच हुई बातचीत

समय से पहले चुनाव की सुगबुगाहट ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ (INDIA Block) की भी चिंताएं बढ़ा दी हैं।

बीते सोमवार को विपक्षी गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बीच इस मुद्दे पर लंबी बातचीत हुई। विपक्ष भी अब अपनी रणनीतियों को समय से पहले धार देने में जुट गया है।

नोट: देश की राजनीति, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और हर बड़ी कूटनीतिक हलचल की सबसे तेज़ व सटीक खबरों के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।