Jaunpur anti malaria campaign
🦟जौनपुर: स्वास्थ्य विभाग का ‘एंटी मलेरिया अभियान’ तेज, घर-घर जाकर किया जा रहा ‘सोर्स रिडक्शन’ और लार्वा स्प्रे”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : विनोद यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून की आहट के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने वेक्टर जनित बीमारियों (मच्छर से फैलने वाले रोग) के खिलाफ कमर कस ली है।
जौनपुर जिले में ‘एंटी मलेरिया माह’ (जून 2026) के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और लगातार शहरी व ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चला रही हैं।
‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि जिले में डेंगू, मलेरिया और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा क्या-क्या जमीनी कदम उठाए जा रहे हैं:
मंगलवार को जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव, सहायक मलेरिया अधिकारी अशोक कुमार और एसएफडब्ल्यू शिव शंकर वर्मा की टीम ने जौनपुर के नगरीय क्षेत्र ‘प्रेमराजपुर’ मोहल्ले का दौरा किया।
टीम ने मलेरिया के एक मरीज (शिवम उपाध्याय) के घर जाकर उसका फॉलोअप किया।
परिजनों को स्वास्थ्य शिक्षा दी गई और घर व आसपास ‘ब्रीडिंग सोर्स सर्वे’ (मच्छर पनपने की जगह की जांच) कर ‘सोर्स रिडक्शन’ (सफाई) का कार्य कराया गया।
अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ‘बेगमगंज’ में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास पाल के नेतृत्व में एएनएम और आशा बहुओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया, डेंगू और फाइलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी गई।
साथ ही, संभावित मरीजों की पहचान करने और मच्छर प्रजनन स्रोतों को नष्ट करने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
फाइलेरिया निरीक्षक दीपक सिंह के नेतृत्व में मियांपुर मोहल्ले में जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।
यहां लोगों को पोस्टर और पैंफलेट बांटे गए, रुकी हुई नालियों में ‘एंटी लार्वा रसायन’ का स्प्रे किया गया और जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों के लार्वा नष्ट किए गए।
जिला मलेरिया अधिकारी ने आम जनमानस को जागरूक करते हुए बताया कि:
मलेरिया के लक्षण: अगर ठंड और कंपकपी के साथ तेज बुखार आए तो यह मलेरिया हो सकता है।
डेंगू/चिकुनगुनिया के लक्षण: अगर हड्डियों और जोड़ों में तेज दर्द के साथ बुखार आए तो यह डेंगू या चिकुनगुनिया का संकेत है।
लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल, प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या मेडिकल कॉलेज जाएं। जनपद के सभी सरकारी केंद्रों पर डेंगू और मलेरिया की जांच व उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।
जिला मलेरिया अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है:
अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें और जलभराव न होने दें।
रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या एंटी लार्वा रसायन डालें।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
बीमार होने पर तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें और झोलाछाप डॉक्टरों से बचें। स्वयं से कोई दवा (Self Medication) न लें।
नोट: जौनपुर स्वास्थ्य विभाग के अहम अभियानों, मौसम से जुड़ी बीमारियों के अलर्ट और उत्तर प्रदेश की हर महत्वपूर्ण खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।
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