Kerakat Jaunpur Anti Encroachment

जौनपुर: केराकत के छितौना गांव में प्रशासन ने हटाया अवैध खड़ंजा

जौनपुर: केराकत के छितौना गांव में चला प्रशासन का बुलडोजर (JCB), अवैध खड़ंजा उखाड़ा; कब्जाधारियों में हड़कंप “

जौनपुर (केराकत): द पॉलिटिक्स अगेन : अब्दुल हई की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख जौनपुर में भी देखने को मिल रहा है।

‘The Politics Again’ की लोकल डेस्क के अनुसार, केराकत तहसील क्षेत्र के छितौना गांव में रविवार को राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से लगाए गए खड़ंजे (ईंट के रास्ते) को जेसीबी (JCB) लगाकर उखाड़ दिया।

प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध कब्जाधारियों और भूमाफियाओं में भारी हड़कंप मच गया है।

संपूर्ण समाधान दिवस की शिकायत का दिखा असर

इस पूरे मामले का खुलासा शनिवार को आयोजित तहसील ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ (Sampoorna Samadhan Diwas) के दौरान हुआ था।

  • शिकायतकर्ता: छितौना गांव निवासी सत्यप्रकाश (पुत्र रामआसरे) ने समाधान दिवस में अधिकारियों के समक्ष पेश होकर एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी।

  • कोर्ट के आदेश की अवमानना: सत्यप्रकाश ने बताया कि उनकी ‘भूमधरी’ (निजी स्वामित्व वाली) जमीन पर माननीय न्यायालय का स्थगन आदेश (Stay Order) लागू है।

  • इसके बावजूद, दबंगों द्वारा जबरन उनकी जमीन पर खड़ंजा बिछाकर कब्जा किया जा रहा था। उन्होंने न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई थी।

13 सदस्यीय राजस्व टीम और पुलिस फोर्स ने की कार्रवाई

मामले की गंभीरता और न्यायालय के आदेश की अवमानना को देखते हुए तहसील प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया।

  • टीम का गठन: अतिक्रमण हटाने के लिए तहसील स्तर पर 13 सदस्यीय एक विशेष राजस्व टीम का गठन किया गया।

  • जेसीबी से उखाड़ा खड़ंजा: रविवार सुबह टीम जेसीबी मशीन लेकर छितौना गांव पहुंची और अवैध खड़ंजे को पूरी तरह से उखाड़कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया।

  • अधिकारियों की मौजूदगी: इस पूरी कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नायब तहसीलदार संदीप सिंह, विवेक श्रीवास्तव और प्रमोद यादव के साथ-साथ केराकत कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (SHO) अरविंद कुमार पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।

तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई ने यह कड़ा संदेश दिया है कि जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।