Delhi New Business District DDA

दिल्ली में बनेंगे 3 नए बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, LG ने दिए निर्देश

दिल्ली में बनेंगे तीन नए ‘बिजनेस डिस्ट्रिक्ट’: द्वारका, रोहिणी और नरेला की बदलेगी तस्वीर, LG ने DDA को दिए मास्टर प्लान के निर्देश”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

देश की राजधानी दिल्ली में व्यापार, निवेश और रोजगार को नई रफ्तार देने के लिए एक बड़ी पहल की जा रही है।

दिल्ली के द्वारका, रोहिणी और नरेला इलाकों को अब नए ‘बिजनेस डिस्ट्रिक्ट’ (Business Districts) के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।

उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन तीनों उप-शहरों के लिए एक समयबद्ध और ठोस विकास योजना (Time-bound Development Plan) तैयार की जाए।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों में आईटी, हेल्थकेयर, डाटा सेंटर और वेयरहाउसिंग जैसे आधुनिक सेक्टर्स को आकर्षित करना है, जिससे रोजगार के नए और असीमित अवसर पैदा हो सकें।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी ने बढ़ाई इन इलाकों की ताकत

उपराज्यपाल ने DDA अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इन इलाकों में विकास की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की।

बैठक में यह बात सामने आई कि पिछले कुछ वर्षों में द्वारका, रोहिणी और नरेला में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।

  • अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER) और मेट्रो नेटवर्क के तेज विस्तार ने इन इलाकों की दूरी कम कर दी है।

  • ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति ने इन्हें निवेश के लिहाज से बेहद आकर्षक बना दिया है।

  • द्वारका में तैयार यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, प्रस्तावित डिप्लोमैटिक एन्क्लेव और शिक्षा केंद्रों का विकास यहां बड़ी आर्थिक गतिविधियों के लिए एक आदर्श माहौल तैयार कर रहा है।

इन सेक्टर्स पर रहेगा खास फोकस: डाटा सेंटर से लेकर सेमीकंडक्टर तक

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन क्षेत्रों में केवल गैर-प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों (Non-polluting Industries) को ही बढ़ावा दिया जाए।

बेहतर सड़क नेटवर्क और एयरपोर्ट (IGI Airport) से नजदीकी होने के कारण इन इलाकों में जिन सेक्टर्स को आकर्षित करने पर फोकस रहेगा, उनमें शामिल हैं:

  • आईटी (IT) और आईटीईएस (ITeS)

  • हेल्थकेयर (Healthcare)

  • ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)

  • डाटा सेंटर (Data Center) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

  • सेमीकंडक्टर प्लांट और वेयरहाउसिंग हब (Warehousing)

यह पूरा विकास कार्य दिल्ली के मास्टर प्लान के अनुरूप ही किया जाएगा।

दूसरे शहरों में गए निवेश को ‘वापस’ लाने का सुनहरा मौका

उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि इन क्षेत्रों के विकास से न केवल दिल्ली में विदेशी और घरेलू निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

इससे पूरी दिल्ली का एक संतुलित विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में जो निवेश दिल्ली से छिटक कर आस-पास के अन्य शहरों (जैसे नोएडा-गुरुग्राम) की ओर चला गया है, उसे वापस आकर्षित करने का यह बिल्कुल सही मौका है।

LG ने DDA को सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर जल्द से जल्द इस मास्टर प्लान को पेश करने का निर्देश दिया है।