दिल्ली-NCR में बैरियर-फ्री टोल शुरू, 100 की स्पीड में कटेगा टैक्स
दिल्ली-NCR में टोल प्लाजा की कतारें खत्म: गडकरी ने किया ‘बैरियर-फ्री’ MLFF सिस्टम का उद्घाटन, 100 की स्पीड में कटेगा टोल”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में हाईवे का सफर अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। टोल प्लाजा पर लंबी कतारों, बैरियर खुलने के इंतजार और रेंगती गाड़ियों के जाम से अब वाहन चालकों को हमेशा के लिए मुक्ति मिलने वाली है।
सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-एनसीआर में पहली बार बैरियर-लेस मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल प्रणाली का उद्घाटन किया।
अर्बन एक्सटेंशन रोड-दो (UER-2) पर स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर शुरू की गई इस हाईटेक व्यवस्था से वाहन बिना रुके सीधे टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे और टोल की राशि उनके फास्टैग (FASTag) से अपने आप कट जाएगी।
क्या है MLFF सिस्टम और कैसे करेगा काम?
इस नई प्रणाली में पारंपरिक टोल बूथ और बैरियर पूरी तरह से हटा दिए गए हैं। सड़क के ऊपर हाई-रिजोल्यूशन कैमरे और सेंसर लगाए गए हैं जो ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक पर काम करते हैं।
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100 की स्पीड पर कटेगा टोल: अधिकारी के अनुसार, वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी टोल पार कर सकते हैं। कैमरे तुरंत नंबर प्लेट पढ़ेंगे और फास्टैग खाते से पैसा कट जाएगा। इसमें वाहन को रोकने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।
ई-नोटिस का प्रावधान: 72 घंटे में भुगतान नहीं तो दोगुना जुर्माना
नई व्यवस्था में उन वाहन चालकों के लिए विशेष नियम बनाए गए हैं जिनका टोल किसी तकनीकी कारण या बैलेंस न होने के कारण तुरंत नहीं कट पाता:
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ऐसे वाहन मालिकों के मोबाइल पर एक ई-नोटिस (e-Notice) भेजा जाएगा।
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उन्हें ऑनलाइन माध्यम से टोल चुकाने के लिए 72 घंटे का समय मिलेगा।
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निर्धारित समय में भुगतान करने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा, लेकिन 72 घंटे के बाद भुगतान करने पर दोगुना शुल्क वसूला जा सकता है।
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गलत कटौती की स्थिति में त्वरित सुधार के लिए एनएचएआई (NHAI) ने एक अलग शिकायत निवारण तंत्र भी तैयार किया है।
गुजरात के बाद दिल्ली बना दूसरा शहर
गुजरात के सूरत-भरूच कॉरिडोर के बाद, दिल्ली देश का दूसरा ऐसा शहर बन गया है जहां यह हाईटेक बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम शुरू हुआ है।
एनएचएआई चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने बताया कि इस तकनीक से यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी।
फिलहाल देशभर में 17 टोल प्लाजा इस तकनीक के तहत विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें सितंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में 108 से अधिक नए टोल प्लाजा बनाए जाएंगे।
भविष्य में कटेंगे ई-चालान
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री गडकरी ने साफ संकेत दिए कि भविष्य में यह हाईटेक तकनीक केवल टोल वसूली तक ही सीमित नहीं रहेगी।
इन स्मार्ट कैमरों की मदद से सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों (जैसे- सीट बेल्ट न पहनना या ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल) पर भी नजर रखी जाएगी और उनके ई-चालान काटे जा सकेंगे।











