“वित्त वर्ष 2026-27 तक पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजी: एमबीवाई) के तहत आवासीय क्षेत्र में एक करोड़ घरों में रूफटॉप सौर प्रणाली की स्थापना के लक्ष्य के मुकाबले कुल 23,96,497 घरों में रूफटॉप सौर प्रणाली स्थापित की गई है, जो लक्ष्य का लगभग 23.96 प्रतिशत है”
नई दिल्ली 09 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
यह योजना आवासीय क्षेत्र में रूफटॉप सौर प्रणाली की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।
| विवरण | लक्ष्य | उपलब्धि (03.12.2025 तक) |
| कुल लक्ष्य (FY 2026-27 तक) | 1 करोड़ घर | $-$ |
| स्थापित प्रणालियाँ | $-$ | 19,17,698 रूफटॉप सौर प्रणालियाँ |
| लाभान्वित घर | $-$ | 23,96,497 घर |
| लक्ष्य प्राप्ति प्रतिशत | 100% | लगभग 23.96% |
| प्राप्त कुल आवेदन | $-$ | 53,54,099 |
नोट: योजना का लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 तक 35 लाख परिवारों को शामिल करना है।
मांग आधारित योजना: यह योजना देश के उन सभी आवासीय उपभोक्ताओं के लिए खुली है जिनके पास स्थानीय डिस्कॉम का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है।
आवेदन प्रक्रिया: उपभोक्ता राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके योजना का लाभ उठा सकते हैं।
सरकार ने देश भर में योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने और इसे आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
ऑनलाइन प्रक्रिया: पंजीकरण से लेकर सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में सब्सिडी के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन है।
रियायती ऋण: राष्ट्रीयकृत बैंकों से 10 वर्ष की अवधि के लिए बिना कुछ रखे (Collateral-free) ऋण उपलब्ध है। वर्तमान में ब्याज दर रेपो दर + 50 आधार अंक (यानी, 6% प्रति वर्ष) है।
विनियामक सरलीकरण:
तकनीकी व्यवहार्यता (Technical Feasibility – TF) आवश्यकता को माफ कर दिया गया है।
10 किलोवाट तक ऑटो लोड वृद्धि (Auto Load Increase) शुरू की गई है।
एग्रीगेशन मॉडल: आरईएससीओ (RESCO) और यूटिलिटी आधारित एग्रीगेशन (ULA) मॉडल शामिल किए गए हैं।
नेट मीटरिंग: नेट मीटरिंग समझौते को राष्ट्रीय पोर्टल में आवेदन का हिस्सा बनाया गया है।
विक्रेता पंजीकरण: पर्याप्त और योग्य विक्रेताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
कुशल जनशक्ति: क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जागरूकता अभियान: प्रमुख समाचार पत्रों में प्रिंट विज्ञापन, टीवी विज्ञापन अभियान, और क्षेत्रीय चैनलों सहित एफएम स्टेशनों पर रेडियो अभियान जैसे जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
नियमित निगरानी: राज्यों/डिस्कॉम सहित विभिन्न स्तरों पर योजना की प्रगति की नियमित निगरानी और क्षेत्रीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
शिकायत निवारण तंत्र: शिकायतों के समय पर समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया गया है।
कॉल सेंटर: टेलीफोन नंबर 15555 वाला एक कॉल सेंटर 12 भाषाओं में कार्यरत है।
यह जानकारी योजना के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें उपभोक्ता सुविधा और वित्तीय प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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