West Bengal Police Transfer

पश्चिम बंगाल: चुनाव आयोग का एक्शन, 12 शीर्ष पुलिस अधिकारियों का तबादला

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन: 12 शीर्ष पुलिस अधिकारियों का तबादला, जानें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने एक सख्त और बड़ा कदम उठाया है।

राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग ने पुलिस प्रशासन के शीर्ष स्तर पर भारी फेरबदल किया है।

इस कड़े एक्शन के तहत कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल राज्य पुलिस के 12 वरिष्ठ अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है।

इस फेरबदल में कोलकाता पुलिस के कई अहम विभागों और डिवीजनों के शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

CID और खुफिया विभाग में अहम बदलाव

चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार, अपराध जांच विभाग (CID) की डीआईजी (DIG) सोमा दास मित्रा का तबादला कर दिया गया है।

उन्हें अब कोलकाता पुलिस में संयुक्त आयुक्त (अपराध) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है। इसी तरह, डीआईजी (कार्मिक) के पद पर कार्यरत सुदीप सरकार को भी नई जिम्मेदारी देते हुए कोलकाता पुलिस में संयुक्त आयुक्त (मुख्यालय) नियुक्त किया गया है।

खुफिया तंत्र को और चुस्त करने के लिए विशेष कार्य बल (STF) की डीआईजी देबास्मिता दास को कोलकाता पुलिस का संयुक्त आयुक्त (खुफिया) बनाया गया है।

कोलकाता पुलिस के चार डिवीजनों के डीसी बदले गए

निर्वाचन आयोग की इस कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर कोलकाता पुलिस के डिवीजनों पर पड़ा है। आयोग ने कोलकाता पुलिस के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और दक्षिण-पूर्व डिवीजनों के उपायुक्तों (डीसी) को उनके मौजूदा पदों से हटा दिया है।

नई तैनाती के तहत:

  • वीएसआर अनंतनाग को उपायुक्त (दक्षिण) नियुक्त किया गया है।

  • प्रदीप कुमार यादव को उपायुक्त (उत्तर) की जिम्मेदारी दी गई है।

  • भंगार डिवीजन के डीसी के रूप में कार्यरत सैकत घोष का तबादला कर उन्हें दक्षिण-पूर्व डिवीजन का डीसी बनाया गया है।

  • उग्रवाद निरोधक बल के एसपी प्रशांत चौधरी को कोलकाता पुलिस में डीसी (पूर्व) के पद पर तैनात किया गया है।

जिलों और अन्य आयुक्तालयों में भी फेरबदल

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि चुनाव आयोग का यह एक्शन सिर्फ कोलकाता तक ही सीमित नहीं है।

आयोग ने पश्चिम बंगाल के कई अन्य पुलिस जिलों और आयुक्तालयों में भी वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए हैं।

चुनाव के ऐन वक्त पर किए गए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को चुनावी प्रक्रिया पर प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने और किसी भी तरह की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई को रोकने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।