जौनपुर में शातिर जहरखुरानी गिरोह का पर्दाफाश, बाप-बेटे समेत 3 गिरफ्तार
जौनपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: ‘यक्ष ऐप’ से किया शातिर जहरखुरानी गिरोह का पर्दाफाश, बाप-बेटे समेत 3 गिरफ्तार
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पुलिस ने रेल और बस यात्रियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर जहरखुरानी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
शनिवार को शाहगंज और खेतासराय पुलिस की संयुक्त टीम ने चिरैया मोड़ (बिलार मऊ रोड) पर चेकिंग के दौरान तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस लाइन सभागार में मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि इन अपराधियों के पास से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस, भारी मात्रा में नशीला पाउडर और दो चार पहिया वाहन (एक ऑल्टो और एक स्विफ्ट डिजायर कार) बरामद किए गए हैं।
ऐसे बनाते थे यात्रियों को अपना शिकार
एसपी सिटी ने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से शाहगंज आने-जाने वाले बस और ट्रेन यात्रियों को अपना निशाना बनाता था।
गिरोह के सदस्य बेहद शातिराना अंदाज में पहले यात्रियों से दोस्ती करते थे और उनका विश्वास जीतने के लिए उनके साथ खाना-पीना खाते थे।
एक बार जब यात्री उन पर भरोसा कर लेते, तो ये उन्हें अनार का जूस, चाय या कॉफी में ‘डायजापाम’ जैसा भारी नशीला पदार्थ मिलाकर पिला देते थे।
इसे पीने के महज 15-20 मिनट के भीतर यात्री बेहोश हो जाता था, जिसके बाद आरोपी उनका सारा कीमती सामान और नकदी लूटकर फरार हो जाते थे।
‘यक्ष ऐप’ से खुला राज, दर्जनों मुकदमों के हैं आरोपी
इस गिरोह को पकड़ने में पुलिस ने हाई-टेक ‘यक्ष ऐप’ का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया। सबसे पहले ऐप के जरिए अंकित निषाद की पहचान हुई, जिसके बाद उसके पिता हनुमान निषाद और तीसरे साथी आकाश यादव का नाम सामने आया।
पूछताछ और जांच में पता चला है कि ये बेहद पेशेवर अपराधी हैं। गिरफ्तार किए गए आजमगढ़ निवासी हनुमान निषाद पर 38 मुकदमे, उसके बेटे अंकित निषाद पर 33 और आकाश यादव पर 10 मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
जहरखुरानी के शिकार हुए कई पीड़ितों ने भी तस्वीरों के आधार पर इनकी शिनाख्त कर ली है। लूटे गए गहनों को ये अपराधी जलालपुर में जाकर बेच देते थे।
कई जिलों में फैला है नेटवर्क, डॉक्टर की तलाश जारी
यह शातिर गिरोह सिर्फ जौनपुर तक ही सीमित नहीं था, बल्कि आजमगढ़, सुल्तानपुर और भदोही जैसे अन्य जिलों में भी जहरखुरानी की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है।
ये सभी आरोपी गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह को नशीला पदार्थ सप्लाई करने वाला मुख्य सूत्रधार, एक झोलाछाप डॉक्टर विपिन प्रजापति है।
फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।










