लखीमपुर खीरी : अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर पुलिस पर पथराव
लखीमपुर खीरी में भड़की भारी हिंसा: अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर उग्र हुई भीड़, पुलिस पर पथराव कर 2 सरकारी गाड़ियां फूंकीं
लखीमपुर खीरी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के बांकेगंज इलाके में मंगलवार शाम एक मामूली विवाद ने भयंकर हिंसक रूप ले लिया।
मोतीपुर गांव में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की मूर्ति हटाए जाने की सूचना पर आक्रोशित भीड़ ने जमकर बवाल काटा।
रात के अंधेरे में उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर भारी पथराव कर दिया और दो सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस बवाल में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और इलाके में दहशत का माहौल है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
घटना ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 के मोतीपुर गांव की है। मंगलवार दोपहर डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर ग्रामीण माल्यार्पण के बाद जुलूस निकाल रहे थे।
इसी दौरान शाम करीब 4 बजे सूचना फैली कि अंबेडकर की मूर्ति को हटा दिया गया है और उसे क्षतिग्रस्त किया गया है।
इस खबर से लोगों का आक्रोश भड़क गया। गुस्साई महिलाओं ने मूर्ति को उसी स्थान पर दोबारा स्थापित करने की मांग को लेकर बांकेगंज-कुकरा मार्ग पर बड़ी नहर पुल के बीच धरना शुरू कर दिया।
इस जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब चार घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
500 प्रदर्शनकारी और 40 पुलिसकर्मी: पुलिस को खोजना पड़ा सुरक्षित ठिकाना
स्थिति बिगड़ने की सूचना पर संसारपुर चौकी, मैलानी और गोला थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया, तो भीड़ और ज्यादा उग्र हो गई।
करीब 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों के सामने महज 35-40 पुलिसकर्मी ही थे। भीड़ ने लाठी-डंडों और पत्थरों से पुलिस पर हमला बोल दिया, जिसके बाद पुलिस को अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकाना तलाशना पड़ा। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज भी किया।
नायब तहसीलदार और दरोगा की गाड़ी में लगाई आग, कई पुलिसकर्मी घायल
उपद्रवियों ने सड़क पर जमकर तांडव मचाया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की। इसी दौरान नायब तहसीलदार की टाटा सूमो और संसारपुर चौकी प्रभारी की बोलेरो गाड़ी को आग लगा दी गई।
इस भीषण पथराव में संसारपुर चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव, एक अन्य दरोगा, मैलानी थाने के इंस्पेक्टर समेत सिपाही अरुण कुमार और सूरज गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
बवाल के कारण बांकेगंज कस्बे के बाजार बंद हो गए और लोग अपने घरों में कैद हो गए।
भारी पुलिस बल और PAC तैनात, DM-SP ने संभाला मोर्चा
हालात बेकाबू होते देख जिले से अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी (PAC) को तुरंत मौके पर भेजा गया।
देर शाम जिलाधिकारी (DM) दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. ख्याति गर्ग भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद जाकर स्थिति पर कुछ हद तक काबू पाया जा सका।
प्रधान प्रतिनिधि और विधायक का बयान
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प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र कुमार: उनका दावा है कि जहां मूर्ति रखी थी, उसके बगल में पुलिस एक महिला की भूमि पर दीवार की नींव भरवा रही थी। इसी दौरान मूर्ति वहां से हटा दी गई, जिससे बाबा साहब के अनुयायी भड़क गए।
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विधायक रोमी साहनी: स्थानीय विधायक रोमी साहनी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, “मेरे सामने इस गांव में पहले कभी ऐसा विवाद नहीं हुआ।
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पुलिस-प्रशासन जांच कर रहा है। जो भी दोषी होंगे या जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात है।










