प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने वाराणसी को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ₹10,998.32 करोड़ की लागत वाले वरुणा नदी एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है।
वाराणसी को जाम से मिलेगी मुक्ति: ₹11,000 करोड़ से वरुणा नदी के किनारे बनेगा 43 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर”
नई दिल्ली/वाराणसी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
काशीवासियों और यहां आने वाले करोड़ों पर्यटकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) ने वाराणसी शहर को ट्रैफिक जाम से पूरी तरह मुक्त करने के लिए एक मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।
सरकार ने वरुणा नदी के किनारे एनएच-31 (NH-31) और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 43.218 किलोमीटर लंबे 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को हरी झंडी दे दी है।
इस ‘वाराणसी डीकंजेशन प्लान’ का कुल बजट 10,998.32 करोड़ रुपये तय किया गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत पूरा किया जाएगा।
क्या-क्या बनेगा: इस प्रोजेक्ट में अधिकतर हिस्सा एलिवेटेड (खंभों पर) होगा। इसमें 6 और 4 लेन के मेन कैरिजवे, फ्लाईओवर, लूप, रैंप और सर्विस रोड शामिल हैं।
लागत का ब्यौरा: कुल 10,998.32 करोड़ रुपये के बजट में से 4,565.33 करोड़ रुपये सिविल कंस्ट्रक्शन पर खर्च होंगे, जबकि 934.91 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण के लिए रखे गए हैं।
इस एलिवेटेड कॉरिडोर को 80 से 100 किमी/घंटे की रफ्तार से गाड़ियां चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इसके बनने से NH-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा का समय 40 मिनट से घटकर मात्र 20 मिनट रह जाएगा।
यह कॉरिडोर वाराणसी रिंग रोड, वाराणसी हवाई अड्डा, काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन, कैंट स्टेशन (वाराणसी जंक्शन), पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और वाराणसी के प्रमुख घाटों तक पहुंच को बेहद आसान बना देगा।
‘पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान’ के तहत बन रहा यह कॉरिडोर सिर्फ यातायात ही नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति देगा:
लॉजिस्टिक्स और व्यापार: यह प्रोजेक्ट चंदौली के सोशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) और छह बड़े लॉजिस्टिक्स नोड को जोड़ेगा।
इससे कृषि उत्पादों, औद्योगिक वस्तुओं और निर्माण सामग्री की आवाजाही सस्ती और तेज हो जाएगी।
सड़क सुरक्षा: शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश कम होगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों का सफर सुरक्षित होगा।
यह आधुनिक और ‘एक्सेस-कंट्रोल्ड’ शहरी परिवहन कॉरिडोर वाराणसी के निवासियों और देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के जीवन स्तर में बड़ा सुधार लाएगा।
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