ब्रिक्स 2026: ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने छुए जगद्गुरु के पैर, वीडियो वायरल
ब्रिक्स 2026: ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने किए जगद्गुरु सतीशाचार्य जी महाराज के चरण स्पर्श, वीडियो हुआ वायरल”
नई दिल्ली: संतोष सेठ, संपादक (THE POLITICS AGAIN)
18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की कूटनीतिक सरगर्मियों के बीच नई दिल्ली से एक बेहद खास और अप्रत्याशित सांस्कृतिक तस्वीर सामने आई है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे जगद्गुरु सतीशाचार्य जी महाराज के सामने झुककर उनके चरण स्पर्श करते नजर आ रहे हैं।
ईरान के राष्ट्रपति ने हिंदू धर्मगुरु से सनातन की आध्यात्मिक परंपरा और मानवता का संदेश सुना तथा उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज भारत के तथाकथित सनातन-विरोधी और कट्टरपंथी तत्वों के लिए यह दृश्य असहज करने वाला होगा।
जय सत्य सनातन! 🚩🔥 pic.twitter.com/StNuEMZVpE
— Yati Sharma (@yati_Official1) September 12, 2026
यह अद्भुत नजारा तब देखने को मिला जब ईरानी राष्ट्रपति भारतीय धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों और कारोबारियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे।
सनातन परंपरा और मानवता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु सतीशाचार्य जी महाराज ने सनातन धर्म की महान आध्यात्मिक परंपराओं और मानवता के कल्याण से जुड़े अहम संदेशों पर प्रकाश डाला।
उनके विचारों को ईरानी राष्ट्रपति ने पूरी तन्मयता से सुना। इस आत्मीय मुलाकात और संवाद के दौरान पेजेश्कियन ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सभी दैवीय धर्मों की शिक्षाओं का मूल केंद्र समाज में न्याय स्थापित करना और मानव गरिमा की रक्षा करना है।
दोनों के बीच हुई इस वैचारिक और आध्यात्मिक चर्चा ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
कूटनीति के बीच एक अलग सांस्कृतिक तस्वीर
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन विशेष रूप से ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। इससे पहले उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी हुई,
जिसमें भारत-ईरान संबंधों, पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात और शांति के लिए कूटनीतिक संवाद पर गंभीर चर्चा हुई थी।
वैश्विक राजनीति और युद्ध के तनाव भरे माहौल के बीच, एक मुस्लिम राष्ट्र के प्रमुख का हिंदू संत के प्रति यह सम्मान और ‘चरण स्पर्श’ का यह दृश्य कूटनीति से परे एक गहरा सांस्कृतिक और मानवीय संदेश दे रहा है।











