प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने वाराणसी के बुनियादी ढांचे को बदलने के लिए ₹14,447.64 करोड़ के 6-लेन गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।
वाराणसी को बड़ी सौगात: ₹14,447 करोड़ से बनेगा 6-लेन गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर, सफर का समय 60 से घटकर होगा 20 मिनट”
नई दिल्ली/वाराणसी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक ऐतिहासिक बुनियादी ढांचा परियोजना को मंजूरी दी है।
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड के बीच गंगा नदी के तट पर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 14,447.64 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से 6-लेन वाले ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर और लिंक रोड के विकास को हरी झंडी दे दी है।
यह महात्वाकांक्षी परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग (ओ) के अंतर्गत क्रियान्वित की जाएगी।
इस कॉरिडोर के निर्माण से काशी में यातायात का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा और मौजूदा शहरी सड़क नेटवर्क पर भीड़भाड़ काफी हद तक कम हो जाएगी।
इस 46.039 किलोमीटर लंबी परियोजना में विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग का उपयोग किया जाएगा। इसमें निम्नलिखित मुख्य विशेषताएं शामिल हैं:
मुख्य ढांचा: छह लेन का एलिवेटेड मेन कैरिजवे, लूप, रैंप, लिंक रोड और सर्विस रोड।
प्रतिष्ठित केबल-स्टे ब्रिज: गंगा नदी पर 910 मीटर लंबा एक भव्य केबल-स्टे ब्रिज (Cable-Stayed Bridge) बनाया जाएगा।
अत्याधुनिक फुट ओवर ब्रिज: काशी विश्वनाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुगम पहुंच के लिए 1.32 किलोमीटर लंबा एक अनूठा ‘फुट ओवर ब्रिज-कम-मेजर ब्रिज’ बनाया जाएगा, जो आधुनिक ट्रैवललेटरों (स्वचालित पैदल पथ) से सुसज्जित होगा।
संस्कृति और सौंदर्य का मिश्रण: घनी आबादी के पास ध्वनि अवरोधक, आपातकालीन पार्किंग, भव्य रोशनी (विशेष लाइटिंग) और वाराणसी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित स्थापत्य कला के तत्व इस कॉरिडोर को वाराणसी के क्षितिज (Skyline) पर एक प्रतिष्ठित पहचान देंगे।
इस कॉरिडोर को 80-100 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया है:
60 मिनट का सफर 20 मिनट में: परियोजना प्रभावित क्षेत्र में औसत यात्रा का समय 60 मिनट से घटकर मात्र 20 मिनट रह जाएगा, जो करीब 67 प्रतिशत की भारी कमी है।
काशी स्टेशन पहुंचना आसान: NH-19 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा का समय 50 मिनट से घटकर लगभग 25 मिनट रह जाएगा, जिससे यात्रियों के कीमती 25 मिनट बचेंगे।
लंका जंक्शन पर जाम से राहत के लिए बीएचयू/लंका और सामने घाट के बीच एक एलिवेटेड स्पूर का निर्माण किया जाएगा।
यह कॉरिडोर वाराणसी और चंदौली के सड़क नेटवर्क को सुधारते हुए कई आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को आपस में जोड़ेगा:
लॉजिस्टिक्स हब का एकीकरण: यह कॉरिडोर 1 आर्थिक केंद्र (चंदौली SEZ), 1 सामाजिक केंद्र (चंदौली आकांक्षी जिला) और 6 प्रमुख परिवहन केंद्रों—लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा, काशी रेलवे स्टेशन, बनारस रेलवे स्टेशन, वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और रामनगर आईवाई बंदरगाह को निर्बाध रूप से जोड़ेगा।
पर्यटन और तीर्थयात्रा को बढ़ावा: प्रतिवर्ष 1.5 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों की आवाजाही को देखते हुए, यह परियोजना काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), नमो घाट, रामनगर किला और वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों तक पहुंच को बेहद सुगम बनाएगी।
यह आधुनिक कॉरिडोर वाहनों के संचालन की लागत को घटाएगा, कार्बन उत्सर्जन कम करेगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) में सतत क्षेत्रीय आर्थिक विकास को एक नई रफ्तार देगा।
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