UP MLC चुनाव 2026: BJP ने जारी की 5 उम्मीदवारों की लिस्ट
UP MLC चुनाव 2026: BJP ने फूंका चुनावी बिगुल, स्नातक और शिक्षक सीटों के लिए 5 उम्मीदवारों का किया ऐलान, यहां देखें लिस्ट”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपनी चुनावी तैयारियां तेज करते हुए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है।
पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने इन चुनावों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति के तहत 5 अहम सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लगा दी है।
प्रत्याशियों की इस पहली सूची के जारी होते ही यूपी के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
किसे कहां से मिला टिकट? (उम्मीदवारों की सूची)
बीजेपी द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के मुताबिक, पार्टी ने अनुभवी और जमीनी पकड़ वाले नेताओं पर भरोसा जताया है।
लखनऊ और आगरा स्नातक सीटों के साथ-साथ बरेली, मुरादाबाद, लखनऊ और मेरठ की शिक्षक सीटों के लिए पत्ते खोल दिए गए हैं।
नीचे दी गई तालिका में घोषित उम्मीदवारों का विवरण है:
| क्रमांक | निर्वाचन क्षेत्र का नाम | घोषित उम्मीदवार का नाम |
| 1 | लखनऊ स्नातक सीट | अवनीश कुमार सिंह |
| 2 | आगरा स्नातक सीट | डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह |
| 3 | बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट | डॉ. हरि सिंह ढिल्लों |
| 4 | लखनऊ शिक्षक सीट | उमेश द्विवेदी |
| 5 | मेरठ शिक्षक सीट | श्रीचंद शर्मा |
उम्मीदवारों के चयन में अनुभव और प्रभाव को महत्व
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन 5 सीटों पर उम्मीदवारों के चयन में उनके संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्र में जमीनी पकड़ और विशेष रूप से शिक्षकों एवं स्नातक वर्ग के बीच उनके सीधे प्रभाव को खासा महत्व दिया गया है।
बीजेपी इन चुनावों में कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है। अभी गाजियाबाद सीट से प्रत्याशी के नाम का ऐलान होना बाकी है।
शिक्षित वर्ग और शिक्षकों का सीधा प्रभाव
राजनीतिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव बेहद अहम माने जाते हैं। इन सीटों पर सीधे तौर पर शिक्षक समुदाय और शिक्षित वर्ग (ग्रेजुएट वोटर) का असर होता है, जो समाज के वैचारिक ताने-बाने को प्रभावित करते हैं।
यही कारण है कि बीजेपी ने समय रहते अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर अपने चुनावी अभियान को एक बड़ी रफ्तार देने की कोशिश की है।
माना जा रहा है कि बीजेपी के इस कदम के बाद समाजवादी पार्टी (SP) सहित अन्य विपक्षी दल भी जल्द ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर सकते हैं।
दिसंबर में खत्म हो रहा है मौजूदा MLCs का कार्यकाल
मौजूदा विधान परिषद सदस्यों (MLC) का कार्यकाल इसी साल दिसंबर में समाप्त हो रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग (Election Commission) ने अभी तक इन चुनावों के लिए आधिकारिक तारीखों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है।
क्या होता है स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का MLC चुनाव?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Upper House) में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का चुनाव एक विशेष लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। इसके तहत राज्य के शिक्षित नागरिक (स्नातक) और शिक्षक अपने प्रतिनिधियों को चुनकर विधान परिषद में भेजते हैं।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कुल 100 सीटों में से 8 सीटें शिक्षक कोटे और 8 सीटें स्नातक कोटे के लिए आरक्षित हैं।
इस चुनाव में आम जनता सीधे वोट नहीं करती है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वोटर बनने के लिए यह अनिवार्य है कि नागरिक ने आवेदन करने की तारीख से कम से कम 3 साल पहले अपना स्नातक (Graduation) या उसके समकक्ष कोई डिग्री पूरी कर ली हो।
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