Union Minister L Murugan resigns to focus on Tamil Nadu BJP ahead of 2029.

केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन का इस्तीफा मंजूर, 2029 चुनाव के लिए करेंगे काम

केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन का इस्तीफा मंजूर: राज्यसभा भी छोड़ेंगे, 2029 चुनाव के लिए तमिलनाडु में मजबूत करेंगे भाजपा”

नई दिल्ली:  द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन का इस्तीफा मंजूर कर लिया है।

मुरुगन ने अपने मंत्री पद के साथ-साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देने की पेशकश की थी।

उन्होंने 13 अक्तूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन्हें इन जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया था।

गौरतलब है कि मोदी कैबिनेट से जॉर्ज कुरियन (जून) और रवनीत सिंह बिट्टू (जुलाई) के बाद एल. मुरुगन का इस्तीफा मंत्रिपरिषद से किसी राज्य मंत्री का यह तीसरा इस्तीफा है।

इस्तीफे की मुख्य वजह: तमिलनाडु में ‘मिशन 2029’ की तैयारी

एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि वे अब जमीनी राजनीति में लौटना चाहते हैं।

  • संगठनात्मक कार्य: वे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने गृह राज्य तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पूरी तरह से संगठनात्मक कार्यों में जुटना चाहते हैं।

  • कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय: उनका मुख्य लक्ष्य राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और दक्षिण भारत में भाजपा के जनाधार को विस्तार देना है।

कौन हैं एल. मुरुगन? (राजनीतिक और व्यक्तिगत सफर)

तमिलनाडु की राजनीति में डॉ. एल. मुरुगन का नाम एक प्रमुख दलित (अरुंथथियार समुदाय) चेहरे के रूप में जाना जाता है। उनका सफर वकालत से लेकर केंद्र सरकार के सर्वोच्च पदों तक रहा है:

  • प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: 29 मई 1977 को नमक्कल जिले के कोनूर में जन्मे मुरुगन ने चेन्नई के डॉ. आंबेडकर लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और मद्रास विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट हासिल की। उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में वकालत भी की है।

  • संगठनात्मक सफर: 1997 में ABVP से जुड़ने के बाद उन्होंने RSS में काम किया। 2017 से 2020 तक वे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के उपाध्यक्ष रहे और मार्च 2020 में उन्हें तमिलनाडु भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।

  • कैबिनेट में भूमिका: सितंबर 2021 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे मुरुगन को जुलाई 2021 में राज्य मंत्री बनाया गया। जून 2024 में तीसरी बार बनी मोदी सरकार में उन्हें सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री का प्रभार मिला।

  • 2024 का चुनाव: 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने तमिलनाडु की नीलगिरी सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें द्रमुक (DMK) के ए. राजा से हार का सामना करना पड़ा था।

📊  एल. मुरुगन का इस्तीफा (एक नज़र में)

महत्वपूर्ण पहलू (Key Aspects)

विस्तृत जानकारी (Details)

👤 नेता का नाम

डॉ. एल. मुरुगन

🏢 पद (जिससे इस्तीफा दिया)

केंद्रीय राज्य मंत्री (सूचना एवं प्रसारण व संसदीय कार्य) और राज्यसभा सांसद।

📝 इस्तीफे की तिथि

13 अक्तूबर 2026 को पीएम को पत्र लिखा (राष्ट्रपति द्वारा मंजूर)।

🎯 इस्तीफे का मुख्य कारण

2029 लोकसभा चुनाव के लिए तमिलनाडु में भाजपा संगठन को मजबूत करना।

🎓 शैक्षणिक योग्यता

कानून की डिग्री और मद्रास विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट (Ph.D.)।

📈 राजनीतिक पृष्ठभूमि

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष (TN BJP), पूर्व उपाध्यक्ष (राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग)।