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UP समेत 17 राज्यों में मतदाता सूची का होगा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण

विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग का बड़ा कदम: UP समेत 17 राज्यों में मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण, 1 जनवरी 2027 तय हुई अर्हता तिथि”

नई दिल्ली: द  पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक घमासान और विरोध के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक अहम फैसला लिया है।

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा सहित कुल 17 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’ (Special Summary Revision – SSR) कराने की आधिकारिक घोषणा की है।

आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को पत्र जारी कर इस पूरी प्रक्रिया की रूपरेखा और दिशा-निर्देश साझा कर दिए हैं।

आयोग के अनुसार, इस पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि (Qualifying Date) निर्धारित किया गया है।

नए मतदाताओं और युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का प्राथमिक उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और पूरी तरह अद्यतन बनाना है:

  • फर्स्ट टाइम वोटर्स पर फोकस: इस अभियान के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों के नाम सूची में जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

  • त्रुटियों का निवारण: मौजूदा निर्वाचक नामावली में दर्ज गलतियों, पते व नाम की विसंगतियों को सुधारने और सूची से अयोग्य/दोहरे नामों को हटाने का कार्य किया जाएगा।

चुनावी राज्यों की समयसीमा और छह महीने पहले चुनाव का नियम

यह घोषणा उन राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं:

  • उत्तर प्रदेश: 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त हो रहा है।

  • अन्य राज्य: मणिपुर (60 सीटें), गोवा (40 सीटें), पंजाब (117 सीटें) और उत्तराखंड (70 सीटें) की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर पूरा होगा।

  • संवैधानिक प्रावधान: जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत चुनाव आयोग को किसी भी विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले भी चुनाव कराने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में चुनावी राज्यों में मतदाता सूची को समय से पहले त्रुटिरहित करना अनिवार्य हो जाता है।

सियासी टकराव और दिल्ली में प्रदर्शनों का दौर

मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है:

  • इंडिया गठबंधन का रुख: एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों का ‘इंडिया गठबंधन’ मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है और लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहा है।

  • सीजेपी का मार्च: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दिपके ने भी अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के विरोध में 16 अक्तूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने का आह्वान किया है।

📊 विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) एवं चुनावी राज्य

प्रमुख बिंदु (Key Highlights)

विवरण एवं आंकड़े (Details & Statistics)

🗳️ आयोग का फैसला

17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा।

📅 अर्हता तिथि (Qualifying Date)

01 जनवरी 2027 (18 वर्ष पूरा करने वाले पात्र)।

🎯 प्रमुख फोकस

नए मतदाताओं (युवाओं) का पंजीकरण और नामावली में संशोधन।

🏛️ प्रमुख चुनावी राज्य (सीटें)

उत्तर प्रदेश (403), पंजाब (117), उत्तराखंड (70), मणिपुर (60), गोवा (40)।

⏳ विधानसभाओं का कार्यकाल

यूपी: मई 2027 | मणिपुर, गोवा, पंजाब व उत्तराखंड: मार्च 2027।

⚖️ कानूनी प्रावधान

कार्यकाल समाप्त होने से 6 महीने पहले तक चुनाव कराने का ECI को अधिकार।