मेरठ ‘नीला ड्रम’ कांड: कोर्ट ने मुस्कान और प्रेमी साहिल को सुनाई फांसी
मेरठ का चर्चित ‘नीला ड्रम’ कांड: सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या में पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी, कोर्ट ने दिया महाभारत का हवाला”
मेरठ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश को झकझोर देने वाले मेरठ के बहुचर्चित ‘नीले ड्रम’ कांड (सौरभ राजपूत हत्याकांड) में अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है।
जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या की दोषी उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है।
सुरक्षा कारणों से फैसले के दौरान साहिल और मुस्कान की वर्चुअल पेशी कराई गई थी।
क्या था रूह कंपा देने वाला नीला ड्रम कांड?
मार्च 2025 में मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या कर दी गई थी। सौरभ विदेश में रहता था और छुट्टी लेकर अपनी पत्नी मुस्कान और बेटी का जन्मदिन मनाने भारत आया था।
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हत्या का तरीका: आरोप सिद्ध हुआ है कि मुस्कान और साहिल ने मिलकर पहले सौरभ की हत्या की, फिर साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव के टुकड़े किए।
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नीले ड्रम में सीमेंट: शव के टुकड़ों को एक नीले ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट डाल दिया गया था, ताकि किसी को भनक न लगे।
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अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में कुल 22 गवाह पेश किए गए, जिनकी गवाही और पुलिस की पुख्ता विवेचना के आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी माना।
कोर्ट ने किया महाभारत का जिक्र, लगाया आर्थिक दंड
अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड पर कड़ा रुख अपनाते हुए सजा सुनाते वक्त महाभारत का भी जिक्र किया। जिला जज ने कहा कि “अपराधियों को सजा देना भी धर्म है।”
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मृत्युदंड के साथ-साथ दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
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धारा 302 (हत्या) के तहत 50,000 रुपये और धारा 238a के तहत 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सजा सुनते ही फूट-फूटकर रोए दोषी, कचहरी में बंटी मिठाई
जेल अधीक्षक डॉक्टर वीरेश राज के अनुसार, फांसी की सजा सुनते ही मुस्कान और साहिल फूट-फूटकर रोने लगे और साथी बंदियों से कोई बातचीत नहीं की।
कुछ देर बाद उन्होंने अपील के विकल्पों के बारे में पूछा, जिस पर उन्हें हाई कोर्ट में प्राइवेट या सरकारी वकील के जरिए अपील करने की जानकारी दी गई।
दूसरी तरफ, कोर्ट परिसर में सौरभ के परिजनों और वकीलों के बीच जश्न का माहौल रहा। वकीलों ने कचहरी में मिठाई बांटी। नम आंखों से सौरभ के परिवार ने इसे ‘न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम’ बताया।
सौरभ की आखिरी निशानी: 6 साल की बेटी के लिए लड़ेगा परिवार
इस हत्याकांड के बाद अब सौरभ की 6 साल की बेटी की कस्टडी को लेकर नया संघर्ष शुरू होने जा रहा है।
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बेटी की कस्टडी: सौरभ के ताऊ राहुल का कहना है कि वे बच्ची को अपने साथ रखना चाहते हैं, लेकिन बच्ची के नाना-नानी उसे सौंपने को तैयार नहीं हैं। इसके लिए वे अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
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जेल में जन्मी बच्ची: मुस्कान ने जेल में रहते हुए एक बच्ची को जन्म दिया था। सौरभ के परिवार ने इस बच्ची को साहिल की बेटी बताते हुए अपनाने से साफ इंकार कर दिया है।
📊 मेरठ ‘नीला ड्रम’ केस (एक नज़र में)
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महत्वपूर्ण पहलू (Key Aspects) |
विस्तृत जानकारी (Details) |
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⚖️ न्यायालय एवं जज |
जिला अदालत, मेरठ (जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा)। |
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👤 मृतक की पहचान |
सौरभ राजपूत (मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी)। |
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🔗 मुख्य दोषी |
मुस्कान रस्तोगी (पत्नी) और साहिल शुक्ला (प्रेमी)। |
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⏳ घटना का समय |
मार्च 2025 (छुट्टी पर भारत आने के दौरान)। |
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🔪 अपराध की प्रकृति |
हत्या कर शव के टुकड़े किए और नीले ड्रम में सीमेंट से बंद किया। |
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⚖️ अदालत का फैसला |
दोनों दोषियों को मृत्युदंड (फांसी) और कुल 70 हजार रुपये का जुर्माना। |
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👨👩👧 कस्टडी का मामला |
सौरभ का परिवार 6 साल की बेटी की कस्टडी के लिए कोर्ट जाएगा। |











