दावत-ए-इस्लामी हिंद के GNRF द्वारा पूरे भारत में पौधारोपण अभियान शुरू
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प: दावत-ए-इस्लामी हिंद के GNRF ने शुरू की राष्ट्रव्यापी ‘शर्जरकारी मुहिम’, हज़ारों पौधे लगाने का लक्ष्य”
जौनपुर/मछलीशहर : THE POLITICS AGAIN डेस्क: अब्दुल हई राजा की रिपोर्ट
बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच, दावत-ए-इस्लामी हिंद के फलाही शोबा (कल्याणकारी विंग) GNRF ने पूरे हिंदुस्तान में एक बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान, जिसे ‘शर्जरकारी मुहिम’ नाम दिया गया है, का आगाज़ किया है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित करना, प्रदूषण के स्तर को कम करना और भारत को हरा-भरा और खुशहाल बनाना है।
जन-भागीदारी से बदलेगा पर्यावरण का स्वरूप
GNRF के इस अभियान की विशेषता यह है कि यह केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। इस मुहिम के तहत देश के विभिन्न शहरों, कस्बों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर हज़ारों छायादार और फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं।
अभियान के जिम्मेदार लोगों ने बताया कि केवल रोपण ही नहीं, बल्कि इन पौधों की सुरक्षा और उनके बड़े होकर मज़बूत वृक्ष बनने तक पानी देने और देखभाल का विशेष इंतज़ाम भी सुनिश्चित किया जाएगा।
‘पौधा लगाना, दरख़्त बनाना’ – नैतिक और धार्मिक प्रेरणा
GNRF के पदाधिकारी पर्यावरण संरक्षण को एक बड़ी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने अवाम से अपील की है कि वे इस नेक मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और समाज की बेहतरी के लिए कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं।
इस अभियान को धार्मिक और नैतिक प्रेरणा भी प्राप्त है। पैगंबर हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा का कथन (हदीस) इस मुहिम का आधार है:
अगर क़ियामत क़ायम हो रही हो और तुम्हारे हाथ में एक पौधा हो, और तुम इसके लगाने पर क़ादिर (सक्षम) हो, तो ज़रूर इसे लगा दो।”* (मुसनद इमाम अहमद, 20/251, हदीस: 12902)
यह संदेश न केवल मुस्लिम समुदाय बल्कि पूरे समाज के लिए पर्यावरण के प्रति सजग रहने का एक बड़ा आह्वान है।
कैसे जुड़ें इस मुहिम से?
GNRF ने देशवासियों से आह्वान किया है कि वे इस ‘अज़्म-ए-मुसम्मत’ (पक्के इरादे) को अपनाएं: *”पौधा लगाना है, दरख़्त बनाना है।”*
जो लोग इस मुहिम से जुड़ना चाहते हैं या अधिक जानकारी चाहते हैं, वे GNRF की आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर के जरिए संपर्क कर सकते हैं:
वेबसाइट: [www.gnrf.in] (http://www.gnrf.in) संपर्क नंबर:** 99786-77811
पर्यावरण को बचाने की इस पहल में GNRF का यह प्रयास सराहनीय है, जो आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में एक ठोस कदम है।











