ब्रिक्स 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग, पीएम मोदी से होगी वार्ता
ब्रिक्स 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पीएम मोदी से होगी अहम द्विपक्षीय वार्ता”
नई दिल्ली : संतोष सेठ, संपादक (THE POLITICS AGAIN)
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गए हैं।
सात साल के लंबे अंतराल के बाद चीनी राष्ट्रपति का यह पहला भारत दौरा है; इससे पहले वे साल 2019 में चेन्नई के मामल्लापुरम में अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए आए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर भारत पहुंचे शी जिनपिंग के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है,
जिसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के वरिष्ठ नेता काई ची और विदेश मंत्री वांग यी शामिल हैं। ब्रिक्स सम्मेलन के इतर दोनों शीर्ष नेताओं के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है।
तनाव के बाद संबंधों को सामान्य करने की पहल
साल 2020 में पूर्वी लद्दाख में उपजे सीमा विवाद और सैन्य तनाव के बाद से भारत-चीन संबंधों में भारी गतिरोध रहा है।
ऐसे में जिनपिंग की इस यात्रा को कूटनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बताया कि कजान और तियानजिन के बाद लगातार तीसरे साल दोनों नेता आमने-सामने मिल रहे हैं।
चीन आपसी मतभेदों को सुलझाने और दीर्घकालिक नजरिए से सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है। गौरतलब है कि पिछले महीने 25 अगस्त को बीजिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और वांग यी के बीच हुई विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता में सीमा प्रबंधन पर आठ सूत्री सहमति बनी थी।
ब्रिक्स में शांति की वकालत और उड़ान सेवा की बहाली
वैश्विक परिदृश्य को लेकर चीनी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्रपति जिनपिंग अंतरराष्ट्रीय स्थिति और विकासशील देशों की एकजुटता पर चर्चा करेंगे।
यूक्रेन-रूस और ईरान-अमेरिका टकराव के बीच चीन बातचीत से राजनीतिक समाधान की वकालत करता है। वहीं, इस कूटनीतिक हलचल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक और बड़ी राहत मिली है।
चाइना सदर्न एयरलाइंस ने शनिवार को घोषणा की कि वह लगभग 6 साल से बंद पड़ी ग्वांगझू-नई दिल्ली यात्री उड़ान सेवा को 21 सितंबर से फिर से शुरू करेगी।
दक्षिण एशिया में हर हफ्ते 100 से अधिक उड़ानों के संचालन से दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और लोगों की आवाजाही को नई गति मिलने की उम्मीद है।











