A trained caregiver assisting a senior citizen, representing the Shatayu Dashboard initiative

बुजुर्गों की देखभाल हुई आसान, सरकार ने लॉन्च किया ‘शतायु डैशबोर्ड’

बुजुर्गों की सेवा के लिए अहम पहल: ‘शतायु डैशबोर्ड’ लॉन्च, देशभर में वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी बेहतरीन देखभाल”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देश में वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को सम्मानजनक और आरामदायक जीवन प्रदान करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 22 मई 2026 को ‘शतायु’ (वरिष्ठ नागरिकों की समग्र देखभाल सहायता एवं प्रशिक्षण) डैशबोर्ड का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षित वृद्धावस्था देखभालकर्ताओं (Caregivers) का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करना है, ताकि जरूरतमंद बुजुर्गों को आसानी से उनके घर पर ही सहायता मिल सके।

एक नज़र में ‘शतायु डैशबोर्ड’ की मुख्य जानकारी:

विवरण अहम जानकारी
डैशबोर्ड का नाम शतायु (Shatayu)
शुभारंभ तिथि 22 मई 2026
संबंधित विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
प्रबंधन एजेंसी राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (NISD)
मुख्य लाभार्थी वरिष्ठ नागरिक और प्रशिक्षित देखभालकर्ता

 

राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (NISD) कर रहा है प्रबंधन

‘शतायु डैशबोर्ड’ का पूरा प्रबंधन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के एक स्वायत्त निकाय, ‘राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान’ (एनआईएसडी – NISD) द्वारा किया जा रहा है।

  • वृद्धावस्था देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का अहम दायित्व भी इसी संस्थान को सौंपा गया है।

  • डेटाबेस को अधिक मजबूत बनाने के लिए, 2023-24 और उससे पहले के वर्षों में प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं को भी इस डैशबोर्ड पर स्व-पंजीकरण (Self-registration) करने का विशेष अवसर दिया गया है।

  • इससे अधिक से अधिक प्रशिक्षित युवा इस नेटवर्क से जुड़ सकेंगे, जिससे बड़ी संख्या में बुजुर्गों को लाभ मिलेगा।

प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वृद्धों की देखभाल करने वालों के प्रशिक्षण के तहत, नामांकित उम्मीदवारों की संख्या पूरी तरह से प्रशिक्षण केंद्र के स्थान (Location) पर निर्भर करती है।

आमतौर पर उम्मीदवारों का चयन और नामांकन प्रशिक्षण केंद्र के आस-पास के क्षेत्रों से ही किया जाता है। इसी कारण किसी विशेष जिले, शहर या कस्बे से प्रशिक्षुओं की संख्या अधिक हो सकती है।

अफवाहों से बचने की चेतावनी और तकनीकी सहायता

शतायु डैशबोर्ड का मुख्य लक्ष्य एक पारदर्शी स्व-पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से अंतिम उपयोगकर्ताओं (बुजुर्गों और देखभालकर्ताओं) को सीधे तौर पर सशक्त बनाना है।

“तकनीकी टीमें लगातार प्रविष्टियों की निगरानी कर रही हैं और शुरुआती समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डैशबोर्ड को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी पर नागरिकों को भरोसा नहीं करना चाहिए।” – आधिकारिक बयान

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय पूरे भारत में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और समर्थन के लिए एक समावेशी और आयु-अनुकूल इकोसिस्टम (Age-friendly ecosystem) बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। ‘शतायु’ उसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।