1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, फ्री कोचिंग का पीएम मोदी ने किया ऐलान
80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का युवाओं को बड़ा तोहफा: 1 करोड़ युवाओं को मिलेगी AI ट्रेनिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग का ऐलान”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश के युवाओं और शिक्षा जगत के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक ऐलान किए।
वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरती नई तकनीकों के बीच प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत सरकार अगले एक वर्ष के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल्स में प्रशिक्षित करेगी, ताकि भारतीय युवा भविष्य की तकनीक की दुनिया का नेतृत्व कर सकें।
इसके साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान चलाने का भी संकल्प दोहराया गया।
1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग: विश्व स्तर पर नेतृत्व का लक्ष्य
लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दायरा व्यापक हो रहा है।
ऐसे में भारतीय युवाओं को वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका में लाने के लिए सरकार विशेष कौशल विकास अभियान चलाएगी।
पीएम ने कहा, “हमने तय किया है कि अगले एक साल में हम 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स में ट्रेनिंग देंगे, ताकि हमारे देश के युवाओं में AI की दुनिया में नेतृत्व करने की क्षमता हो।”
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
प्रधानमंत्री ने देश के मध्यमवर्गीय और ग्रामीण पृष्ठभूमि के होनहार छात्रों को राहत देते हुए बड़ी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग सरकारी व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वित्तीय अभाव के कारण कोई भी प्रतिभा पीछे न छूटे।
5 से 15 साल के बच्चों के लिए देशव्यापी ‘स्पोर्ट्स टैलेंट हंट’
खेल के क्षेत्र में भारत की स्थिति को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने जमीनी स्तर पर टैलेंट की पहचान करने की रूपरेखा पेश की।
पीएम ने कहा कि गाँवों और शहरों में 5 से 15 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए एक राष्ट्रव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा,
ताकि बचपन से ही खेल प्रतिभाओं को तराशा जा सके और उन्हें ओलंपिक जैसे बड़े वैश्विक आयोजनों के लिए तैयार किया जा सके।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में 10-12 वर्षों का परिवर्तन
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में उच्च शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में हुए बुनियादी ढांचे के विकास का रिपोर्ट कार्ड भी देशवासियों के सामने रखा:
| क्षेत्र / आयाम | 2014 से पहले | वर्तमान स्थिति (10-12 वर्षों में) |
| विश्वविद्यालय (Universities) | 350 से कम | लगभग 650 नए विश्वविद्यालय बने (कुल संख्या ~1,000) |
| मेडिकल कॉलेज (Medical Colleges) | ~400 | बढ़कर लगभग 850 तक पहुँचे (सीटें दोगुनी) |
| अटल टिंकरिंग लैब (ATL) | — | स्कूली बच्चों के लिए 10,000+ लैब स्थापित |
| रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स | सीमित संख्या | 2.5 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स |
पीएम ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार के प्रयासों से अब विश्वस्तरीय विदेशी विश्वविद्यालय भी भारत में अपने कैंपस स्थापित कर रहे हैं, जिससे भारतीय छात्र देश में रहकर ही अंतरराष्ट्रीय डिग्री हासिल कर सकेंगे।
स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों की शक्ति
प्रधानमंत्री ने युवा उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि औसतन 28 वर्ष की आयु वाले युवाओं ने देश में सैटेलाइट और रॉकेट लॉन्च करके वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, भारत के युवा नवाचार (Innovation) के जरिए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।











