जनगणना : केंद्र ने जारी की 40 सवालों की सूची, जानिए क्या-क्या पूछा जाएगा
जनगणना 2027 की अधिसूचना जारी: आपसे पूछे जाएंगे जाति और बैंक बैलेंस समेत कुल 40 सवाल, 1 सितंबर से शुरू होगी प्रक्रिया”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश में अगली जनगणना (Census 2027) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने भारत की आगामी जनगणना के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
इस बार की जनगणना में प्रत्येक परिवार से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। ‘हाउसहोल्ड शेड्यूल’ (परिवार अनुसूची) के जरिए एकत्रित की जाने वाली इस जानकारी में व्यक्ति की जाति, बैंक खातों की संख्या, साक्षरता और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तिगत विवरण शामिल होंगे।
जनगणना अधिनियम के तहत घर-घर जाकर होगी पूछताछ
केंद्र सरकार ने जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) की धारा 8 की उप-धारा (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्देश जारी किया है।
इसके अनुसार, नियुक्त किए गए जनगणना अधिकारी अपने निर्धारित स्थानीय क्षेत्रों की सीमाओं के भीतर घर-घर जाकर परिवार के मुखिया और अन्य सदस्यों से यह जानकारी इकट्ठा करेंगे।
जनगणना में आपसे पूछे जाएंगे ये 40 अहम सवाल
जनगणना 2027 के दौरान अधिकारियों द्वारा जो 40 सवाल पूछे जाएंगे, उनकी पूरी सूची इस प्रकार है:
- व्यक्ति का नाम
- परिवार के मुखिया से संबंध
- लिंग
- जन्म की तारीख और उम्र (पूरे वर्षों में)
- वर्तमान वैवाहिक स्थिति
- शादी के समय उम्र
- जीवनसाथी का नाम
- धर्म
- बताई गई राष्ट्रीयता
- अनुसूचित जाति (SC)/ अनुसूचित जनजाति (ST)/जाति
- पिता का विवरण
- माता का विवरण
- विकलांगता
- मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएँ
- साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की स्थिति
- शिक्षण संस्थान में उपस्थिति की स्थिति
- प्राप्त उच्चतम शिक्षा का स्तर और स्ट्रीम/विषय
- पिछले वर्ष के दौरान कभी काम किया या नहीं
- आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
- पेशा
- उद्योग, व्यापार या सेवा का प्रकार
- कामगार का वर्ग
- गैर-आर्थिक गतिविधि (सीमांत, अर्ध-सीमांत और गैर-कामगार के लिए)
- काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता
- काम की जगह तक आना-जाना
- जन्म स्थान
- पिछली बार रहने की जगह
- एक जगह से दूसरी जगह बसने (माइग्रेशन) का कारण
- पिछली बार माइग्रेशन के बाद से इस गाँव/शहर में रहने की अवधि
- स्थायी आवासीय पता
- अभी जीवित बच्चों की संख्या (सिर्फ़ शादीशुदा, विधवा, तलाकशुदा और अलग रह रही महिलाओं के लिए)
- अब तक जीवित पैदा हुए बच्चों की कुल संख्या
- पिछले एक साल में जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या (सिर्फ़ अभी शादीशुदा महिलाओं के लिए)
- कोविड-19 टीकाकरण की जगह
- बैंक खातों की कुल संख्या
- मोबाइल नंबर (अगर उपलब्ध हो)
- आधार नंबर (अगर उपलब्ध हो)
- वोटर आईडी नंबर (अगर उपलब्ध हो)
- पासपोर्ट नंबर (अगर भारतीय पासपोर्ट धारक हों)
- ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता
कब से शुरू होगी जनगणना की प्रक्रिया?
गृह मंत्रालय के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, देश के बर्फबारी वाले इलाकों में जनगणना की प्रक्रिया 1 सितंबर से ही शुरू कर दी जाएगी।
लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के इन बर्फीले इलाकों में 1 से 30 सितंबर के बीच लोगों की गिनती का कार्य पूरा किया जाएगा।
वहीं, देश के बाकी मैदानी हिस्सों में लोगों की गिनती का कार्य अगले साल से शुरू किया जाएगा।











