Amethi Ambedkar Statue Clash

अमेठी में सरकारी जमीन पर अंबेडकर प्रतिमा लगाने पर पुलिस पर पथराव

अमेठी के नरहरपुर गांव में भारी बवाल: सुरक्षित भूमि पर अंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर पुलिस पर पथराव, SHO समेत 4 पुलिसकर्मी घायल

अमेठी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर जमकर बवाल हुआ।

प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस और राजस्व टीम पर पथराव कर दिया। इस हिंसक हमले में प्रभारी निरीक्षक (SHO) समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। तनाव को देखते हुए पूरे गांव में भारी पुलिस बल (PAC) तैनात कर दिया गया है।

क्या है पूरा विवाद?

जानकारी के अनुसार, नरहरपुर गांव में लगभग पांच बिस्वा भूमि सुरक्षित खाते में दर्ज है, जिसे प्रशासन द्वारा पशु शव निस्तारण के लिए चिह्नित किया गया है।

आरोप है कि कुछ लोगों ने इस सरकारी जमीन पर कब्जे की नीयत से मिट्टी डालकर एक चबूतरा तैयार किया और उस पर रातों-रात डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी।

ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार अजय सिंह ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर पैमाइश की। जमीन ग्राम समाज की निकलने पर टीम ने अतिक्रमण हटाते हुए चबूतरे को ढहा दिया था।

बार-बार पुलिस को दी गई चुनौती

प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद, शनिवार को कुछ असामाजिक तत्वों ने उसी स्थान पर दोबारा चबूतरा बनाकर प्रतिमा रख दी।

सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और जेसीबी से चबूतरा हटवाकर प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया। लेकिन, पुलिस के गांव से लौटते ही उपद्रवियों ने तीसरी बार वहां प्रतिमा स्थापित कर दी।

पुलिस पर पथराव और लाठीचार्ज

लगातार कानून के उल्लंघन की सूचना मिलने पर एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में रामगंज, पीपरपुर और संग्रामपुर थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।

जैसे ही प्रशासन ने प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद भीड़ अचानक उग्र हो गई और पुलिस टीम पर जमकर पथराव शुरू कर दिया।

इस अचानक हुए हमले में प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह, चौकी प्रभारी विकास कुमार और महिला कांस्टेबल किरन सहित चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस ने आत्मरक्षा और हालात को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को खदेड़ा।

15 लोग हिरासत में, 64 पर एफआईआर

अमेठी के एसपी सरवण टी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने उपद्रव शांत करा लिया है।

इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।

मौके से 15 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। घायलों का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर में कराया गया है।

प्रधानों की भूमिका संदिग्ध, फर्जी हस्ताक्षर का भी आरोप

इस पूरे विवाद में मौजूदा और पूर्व प्रधान की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कब्जे के पीछे इन्हीं का हाथ है।

वहीं, पूर्व प्रधान रीना कोरी ने सफाई देते हुए दावा किया है कि 22 मार्च को हुई बैठक के बाद प्रतिमा स्थापना के लिए दिए गए पत्र पर उनके ससुर के फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए हैं।

पुलिस अब इस फर्जीवाड़े और साजिश के एंगल से भी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

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