Cooperative Societies in Startup India

स्टार्टअप इंडिया 2.0: सरकार का बड़ा फैसला; टर्नओवर सीमा बढ़कर 200 करोड़ हुई, ‘डीप टेक’ और सहकारी समितियों के लिए खुले नए दरवाजे

“भारत को वैश्विक नवाचार का ‘पावरहाउस’ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है”

नई दिल्ली:”The Politics Again”  संतोष सेठ की रिपोर्ट 

‘स्टार्टअप इंडिया’ के दूसरे दशक में प्रवेश करते ही सरकार ने स्टार्टअप मान्यता रूपरेखा (Recognition Framework) में बड़े संशोधन किए हैं।

इसका सबसे बड़ा फायदा ‘डीप टेक’ (Deep Tech) कंपनियों और ग्रामीण भारत की सहकारी समितियों को मिलेगा।

टर्नओवर सीमा दोगुनी हुई (General Startups)

अब तक स्टार्टअप के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए टर्नओवर की सीमा 100 करोड़ रुपये थी। बदलती जरूरतों और कंपनियों के विस्तार को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे मंझोले स्तर के स्टार्टअप्स को लंबे समय तक सरकारी लाभ मिलते रहेंगे।

‘डीप टेक’ स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रावधान (Deep Tech)

सरकार ने पहली बार ‘डीप टेक स्टार्टअप’ की एक अलग श्रेणी बनाई है। चूंकि ऐसे स्टार्टअप्स में रिसर्च (R&D) और पूंजी की खपत ज्यादा होती है और मुनाफा आने में वक्त लगता है, इसलिए उनके लिए नियमों में बड़ी ढील दी गई है:

  • समय सीमा: अब पंजीकरण की तारीख से 20 साल तक (पहले 10 साल) वे स्टार्टअप माने जाएंगे।

  • टर्नओवर: इनके लिए टर्नओवर की सीमा 300 करोड़ रुपये कर दी गई है।

सहकारी समितियां भी अब ‘स्टार्टअप’ (Cooperatives)

एक अभूतपूर्व फैसले में, सरकार ने सहकारी समितियों (Cooperative Societies) को भी स्टार्टअप मान्यता के दायरे में शामिल कर लिया है।

  • अब ‘बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002’ या राज्य कानूनों के तहत पंजीकृत समितियां भी स्टार्टअप के लाभ ले सकेंगी।

  • इसका सीधा असर कृषि, ग्रामीण उद्योगों और जमीनी स्तर के नवाचार पर पड़ेगा।

सरकार का उद्देश्य

इस संशोधित ढांचे का उद्देश्य उच्च-तकनीक और शोध-आधारित क्षेत्रों में पूंजी का प्रवाह बढ़ाना है। यह नीति संस्थापकों के लिए अधिक अनुमानित और भविष्य के लिए तैयार (Future-ready) वातावरण बनाएगी।

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.