UP में अब 6 मार्च तक जुड़ेंगे वोट: मतदाता सूची संशोधन की तारीख बढ़ी; अखिलेश का आरोप- ‘PDA के वोट काटने की हो रही साजिश’, आयोग ने दी सफाई
“उत्तर प्रदेश के नागरिकों और राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ी खबर है”
लखनऊ: “The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) की समय सीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी है।
अब नागरिक 6 मार्च, 2026 तक अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं या हटवा सकते हैं। पहले यह समय सीमा 6 फरवरी (शुक्रवार) को समाप्त हो रही थी।
क्यों बढ़ाई गई तारीख?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों की मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को जारी की जाएगी।
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आंकड़े: प्रदेश में नए वोटर्स का उत्साह चरम पर है। अब तक नए नाम जोड़ने के लिए (फॉर्म-6) 37.80 लाख आवेदन आए हैं। वहीं, नाम हटाने के लिए (फॉर्म-7) 82,684 आवेदन जमा हुए हैं। प्रदेश में मसौदा मतदाताओं की संख्या 12.55 करोड़ के पार पहुंच गई है।
अखिलेश यादव का बड़ा आरोप: ‘फॉर्म-7 का हो रहा दुरुपयोग’
इस प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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आरोप: अखिलेश का कहना है कि प्रशासन फॉर्म-7 (नाम हटाने का फॉर्म) का दुरुपयोग कर रहा है और सुनियोजित तरीके से PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के वोट काट रहा है।
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सपा का एक्शन: सपा ने लखनऊ के कैंट समेत पूरे प्रदेश में कैंप लगाए हैं। पार्टी नेता प्रदीप अधर्म, अब्दुल्ला, पूजा शुक्ला भसीन और आलोक प्रताप यादव कार्यकर्ताओं को सतर्क कर रहे हैं कि वे अपने वोट की सुरक्षा करें।
चुनाव आयोग की सफाई
विपक्ष के आरोपों पर CEO नवदीप रिनवा ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-7 को लेकर नियम बेहद सख्त हैं। किसी का भी नाम मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकता।
हर फॉर्म की भौतिक जांच (Physical Verification) के बाद ही कार्रवाई होती है।











