“शनिवार रात से रविवार दोपहर तक लगातार हुई तेज बारिश ने औद्योगिक क्षेत्र बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। मूसलाधार बारिश से बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ के बाजार, कॉलोनियां और औद्योगिक क्षेत्र जलमग्न हो गए। वहीं, नादियां भी उफान पर हैं”
सोलन 30 / 06 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
एक समय हालात ऐसे हो गए कि बद्दी औद्योगिक नगर का संपर्क पंचकूला, दिल्ली और चंडीगढ़ से पूरी तरह कट गया था। बारिश के साथ बाल्द, चिकनी और सरसा नदियां भी उफान पर हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल पैदा कर दिया। बारिश का पानी बद्दी साई बाजार की दुकानों, कॉलोनियों और खेतों में पानी भर गया।
बरोटीवाला से बग्गूवाला की पुलिया तेज बहाव में बह गई, जिससे मंधाला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का संपर्क पूरी तरह कट गया। पिंजौर-नालागढ़ नेशनल हाई-वे की कीरतपुर के पास अस्थायी पुलिया बह जाने से कई घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा।
पट्टा मार्ग के बंद होने से बद्दी और नालागढ़ से आना-जाना मुश्किल हो गया। सिसवां रोड पर एक ट्रैक्टर पलटने से लंबा जाम लग गया। यही नहीं बद्दी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड-12 स्थित शिवालिक नगर कॉलोनी में जलभराव ने रिहायशी इलाके में दहशत मचा दी।
उचित निकासी व्यवस्था न होने के कारण दो दर्जन घरों में पानी घुस गया और कॉलोनी पूरी तरह तालाब में तबदील हो गई। औद्योगिक कस्बे नालागढ़ के सैनिमाजरा, ढांग और ढेरोवाल गांवों में खेतों में पानी भर गया। ढेरोवाल में तो बारिश का बहाव इतना तेज था कि पुल को छूने लगा।
नालागढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्ट्रियों में भी नालों का पानी घुस गया, जिससे मशीनरी और तैयार माल को भारी नुकसान की सूचना है। हालात यह रहे की बद्दी के एक उद्योग परिसर में करीब तीन से चार फुट तक पानी भर गया।
लघु उद्योग संघ बद्दी के अध्यक्ष अशोक राणा, सचिव अनिल मलिक और उपाध्यक्ष सतपाल जस्सल ने कहा कि बद्दी के एसडीएम का पद भी एक महीने से रिक्त पड़ा है। ऐसी आपदा में अधिकारी ही नहीं होंगे, तो जनता की समस्याएं कौन सुनेगा।
उधर, नगर निगम बद्दी के एक्सईएन सुमित आजाद ने कहा कि जैसे ही जलभराव की सूचना मिली, टीम को तुरंत फील्ड में रवाना किया गया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पानी निकासी की कमी रही, वहां सफाई के आदेश दे दिए गए हैं। रविवार पूरा दिन हमारी टीम फील्ड में रही।
निकासी का कार्य तुरंत शुरू करे प्रशासन
बीबीएन उद्योग संघ के महासचिव वाईएस गुलेरिया ने प्रशासन को तुरंत राहत कार्य शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर बारिश की यही रफ्तार रही, तो क्षेत्र के उद्योगों को और बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि हर साल मानसून से पहले सफाई और जल निकासी की तैयारी का दावा तो करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट रहती है। औद्योगिक क्षेत्र की अधिकांश सडक़ों पर दो से तीन फुट तक पानी भर गया। कई जगह छोटे वाहन और ट्रक बंद पड़ गए। लोग घंटों तक जलभराव में फंसे रहे।
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