सोलन/नालागढ़ : भारी बारिश के बाद भूस्खलन, प्रशासन मौके पर पहुंचा, खाली करवाया कटली गांव

“नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नंड के कटली गांव में बीती रात भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड से अफरा-तफरी मच गई। देर रात अचानक हुए भूस्खलन के चलते पहाड़ी दरक गई, जिससे गांव के 18 परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए”

नालागढ़ 07/08/2025  संतोष सेठ की रिपोर्ट 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन सभी मकानों को खाली करवाया और प्रभावित परिवारों के 60 सदस्यों को गांव के मंदिर के नजदीक भवन में शिफ्ट किया गया है।

पहाड़ी से मलबा खिसकने की आशंका अभी भी बनी हुई हैए जिससे प्रशासन सतर्क है। कटली गांव में बारिश के बाद लगातार ज़मीन खिसक रही थी। रात के समय तेज़ बारिश के दौरान अचानक बड़ी मात्रा में मलबा खिसकने लगाए जिससे गांव के कई मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया।

खौफ जदा ग्रामीणों ने चीख पुकार के बीच भारी बारिश में घर छोड़ सुरक्षित जगह पर शरण ली। सुबह बारिश रुकने तक लोग सहमे रहै। अल सुबह ग्राम पंचायत प्रधान व अन्य प्रतिनिधियों ने तुरंत तहसील प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही रामशहर के तहसीलदार मौके पर पहुंचे और एहतियातती कदम उठाए।

बलबिंद्र ने बताया की प्रभावित परिवारों में वीर सिंह, सुखराम, भग सिंह, डाटा राम, रमेश कुमार, प्रकाश चंद, शेर सिंह, पवन, सुरेंद्र, मदन, राजकुमार, कुलदीप, महेन्द्र सिंह, राम आसरा, सुखदेव, रोशन और कमल जैसे ग्रामीण शामिल हैं, इन सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।

प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधि ग्रामवासी लगातार मौके पर डटे हुए हैं। पंचायत के अनुसार कुल लगभग 60 लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। तहसील प्रशासन ने क्षेत्र का प्राथमिक निरीक्षण कर लिया है और रिपोर्ट तैयार कर आलाधिकारियों को भेज दी है।

घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक लखविंदर राणा ने भी गांव का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। पंचायत प्रधान सपना देवी ने बताया कि ग्राम पंचायत के कटली गांव में बारिश के बाद पहाड़ी दरकने लगी थी और लगातार मलबा नीचे खिसक रहा था। स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचित कियाए जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। 

भारी बारिश से निगम के नालागढ़ डिपो के 21 रूट ठप

नालागढ़ में मंगलवार रात हुईं मूसलधार बारिश ने परिवहन व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भूस्खलन, सडक़ धंसाव और पुलों को हुए नुकसान के चलते राज्य पथ परिवहन निगम मके नालागढ़ डिपो की कुल 21 बस सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रही।

इससे रोजाना सफर करने वाले कामकाजी लोगो, विद्यार्थियों और स्थानीय यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। डिपो प्रबंधन के अनुसार, जिन रूटों पर फिलहाल बस सेवाएं स्थगित की गई हैं, उनमें नालागढ़-पट्टा-सोलन, नालागढ़-कालका-शिमला, नालागढ़-पटियाला, नालागढ़-बद्दी-साई, नालागढ़-घरेड, नालागढ़-साई-रामशहर, नालागढ़-रामशहर-जाडू, नालागढ़-रामशहर-शिमला, नालागढ़-पलासी-भरतगढ़, नालागढ़-खरूनी-पंगा, नालागढ़-ढेला-धाना, नालागढ़-कक्करघाट, नालागढ़-शिमला-रोड़ी, नालागढ़-जोहड़ जी, नालागढ़-श्री नैना देवी, नालागढ़-स्वारघाट-रामशहर, नालागढ़-बबासनी, नालागढ़-मितियां-कवारनी, नालागढ़-ढेला और नालागढ़-घरेड-साई।

इनमें नालागढ़-रामशहर-शिमला रूट सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है। कुम्हारहट्टी के समीप भूस्खलन और सडक़ धंसने की वजह से यह मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध है।

निगम प्रबंधन ने बताया कि लोक निर्माण विभाग और क्षेत्रीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत व मरम्मत कार्य की निगरानी की जा रही है ताकि सेवाएं जल्द से जल्द बहाल की जा सकें। उन्होंने बताया कि जो मार्ग बहाल होते जा रहे है उन पर बस सुविधा भी अबिलब शुरू की जा रही है।

“कटली गांव में बड़े स्तर पर भूस्खलन हुआ है हालांकी वह घरों से दूर था लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एहतियातन 18 परिवारों को उनके घरों से सुरक्षित निकालकर शिव मंदिर के पास सामुदायिक भवन में शिफ्ट किया है। उनके खाने-पीने की भी समुचित व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह सावधानी बरतें और जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाएं” – राजकुमार, एसडीएम नालागढ़