दिवाली: खुशियों का पर्व या प्रदूषण का संकट? पर्यावरण बनाम राजनीति का द्वंद्व
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प्रकाश का पर्व या सांसों का संकट? दिवाली पर प्रदूषण और उस पर होती ‘सियासत’ के बीच आम आदमी की मजबूरी” The Politics Again डेस्क (संपादकीय): संतोष सेठ त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, सांसों में जहर घोलने के लिए नहीं। दीपावली प्रकाश, प्रसन्नता और उल्लास का पर्व है। लेकिन यदि इस उत्सव की चमक के पीछे आसमान जहरीले धुएं से भर जाए, बच्चों-बुजुर्गों का दम घुटने लगे और…
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