श्रावस्ती: मंदिर के पास मांसाहारी इफ्तार

श्रावस्ती: मंदिर के पास मांसाहारी इफ्तार, पवित्र झील में फेंके अवशेष

श्रावस्ती में सोन पथरी मंदिर के पास ‘मांसाहारी इफ्तार’ से भारी बवाल… पवित्र झील में फेंके मांस के अवशेष… 4 आरोपी गिरफ्तार, लेकिन जमानत मिलने पर भड़के हिंदू संगठन… स्थानीय लोगों ने की NSA लगाने की मांग… पढ़ें ‘The Politics Again’ की पूरी रिपोर्ट…


श्रावस्ती: सोन पथरी मंदिर के पास मांसाहारी इफ्तार से बवाल, पवित्र झील में फेंके अवशेष; आरोपियों को जमानत मिलने पर भड़के लोग

श्रावस्ती | क्राइम डेस्क, The Politics Again

बनारस के बाद अब उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में भी रोजा इफ्तार को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

सिरसिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा की पहाड़ी पर स्थित पवित्र ‘सोन पथरी मंदिर’ और बाबा के आश्रम के पास कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा मांसाहारी रोजा इफ्तार पार्टी आयोजित करने का मामला सामने आया है।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है।

पवित्र झील में फेंके मांस के अवशेष

आरोप है कि रमजान के आखिरी दिन करीब डेढ़ दर्जन मुस्लिम युवकों ने बाबा सोन पथरी आश्रम के पास इफ्तार पार्टी की और वहां मांसाहारी भोजन पकाया व खाया।

सबसे अधिक आपत्तिजनक बात यह रही कि इफ्तारी के बाद इन युवकों ने मांस के बचे हुए अवशेष पास में ही मौजूद एक पवित्र झील में फेंक दिए।

स्थानीय लोगों और मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस झील का पानी बेहद पवित्र माना जाता है। इसका उपयोग मंदिर की सफाई, मूर्तियों के स्नान और भगवान का भोग (भोजन) बनाने तक में किया जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इस झील में स्नान करने और धार्मिक अनुष्ठान के लिए पहुंचते हैं।

4 गिरफ्तार, जमानत मिलने पर भड़का गुस्सा

घटना का वीडियो वायरल होने और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचने के बाद लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई।

सोन पथरी मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित शरणानन्द महराज की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों— जमाल, इरफान, इमरान और जहीर को गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि, इस मामले में नया मोड़ तब आ गया जब SDM कोर्ट से सभी आरोपियों को कुछ ही समय बाद जमानत मिल गई।

जमानत मिलते ही स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध शुरू हो गया है और अब स्थानीय लोग इन आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की सख्त मांग कर रहे हैं।

कार्रवाई को बताया जा रहा ‘दिखावा’

इस घटनाक्रम पर श्रावस्ती के क्षेत्राधिकारी (CO) सतीश कुमार ने बताया कि, “आश्रम के शरणानंद महाराज की तहरीर में मांसाहारी भोजन के इस्तेमाल और झील में अवशेष फेंकने की शिकायत की गई थी।

इस पर कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया और वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।”

वहीं, आरोपियों को तुरंत छोड़े जाने से नाराज स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई सिर्फ एक ‘दिखावा’ है और आस्था से जुड़े इतने बड़े और संवेदनशील विवाद को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है।

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