मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, दिवाली-छठ पूजा पर मेडिकल इमरजेंसी सेवाएं और ट्रॉमा सेंटर।

दिवाली-छठ पर अलर्ट: 24 घंटे खुले रहेंगे उत्तर प्रदेश के सभी ट्रॉमा सेंटर

दिवाली-छठ पर अलर्ट मोड में UP स्वास्थ्य विभाग: CM योगी के निर्देश, ’24 घंटे खुले रहेंगे इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर और बर्न यूनिट’

The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ 

उत्तर प्रदेश में दीपावली और छठ पूजा के पावन पर्व पर आमजन की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के सख्त निर्देशों के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी राजकीय व स्वशासी मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों को हाई अलर्ट मोड में डाल दिया है।

त्योहारों के दौरान पटाखों से आग लगने, सड़क हादसों या अन्य आपातकालीन स्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी नागरिक को इलाज के लिए भटकना न पड़े।

24 घंटे सक्रिय रहेंगी सभी इमरजेंसी सेवाएं

चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक (DG) नेहा शर्मा ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सभी मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी विभाग, ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू (ICU), बर्न यूनिट, एनेस्थीसिया, सर्जरी और ऑपरेशन थिएटर 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे।

महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का तत्काल परीक्षण कर प्राथमिक उपचार शुरू किया जाएगा।

इसके लिए अतिरिक्त बेड और जीवनरक्षक उपकरणों को भी रिजर्व रखा जाएगा।

डॉक्टरों का तैयार होगा विशेष ‘ड्यूटी रोस्टर’

त्योहारी अवधि के दौरान चिकित्सा सेवाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए सभी विभागों (मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स, रेडियोलॉजी आदि) के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीशियनों का विशेष ‘ड्यूटी रोस्टर’ तैयार किया जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को बिना पूर्व सूचना के छुट्टी नहीं मिलेगी।

दवाओं और ऑक्सीजन की नहीं होगी कमी

सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और चिकित्सा अधीक्षकों (CMS) को निम्नलिखित जीवनरक्षक सामग्रियों की 100% उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं:

  • दवाएं और किट: जीवनरक्षक दवाएं, इमरजेंसी किट, इंजेक्शन, ड्रेसिंग और प्लास्टर सामग्री।

  • उपकरण: ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम, वेंटिलेटर, मॉनिटर और सक्शन मशीन।

  • ब्लड बैंक: रक्त (Blood) और उसके अवयवों की पर्याप्त व्यवस्था।

सामूहिक आपदा और आग से निपटने की रणनीति

दीपावली के दौरान आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों के फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरणों और निकास मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही, यदि एक साथ बड़ी संख्या में घायल अस्पताल पहुंचते हैं (भगदड़ या सड़क हादसा), तो उससे निपटने के लिए ‘ट्रायेज (Triage) व्यवस्था’ लागू की जाएगी।

इस व्यवस्था के तहत घायलों की गंभीरता के अनुसार उनके उपचार की प्राथमिकता तय की जाएगी। गंभीर मरीजों को बड़े संस्थानों में रेफर करने के लिए एंबुलेंस की भी प्रभावी व्यवस्था की गई है।

महानिदेशक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि प्रत्येक अस्पताल में एक नोडल अधिकारी (Nodal Officer) तैनात होगा जो व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा।

किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सीधे तौर पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।

दिवाली-छठ: यूपी के अस्पतालों में इमरजेंसी एक्शन प्लान

विभाग/सेवा (Department/Service)

मुख्यमंत्री/DG के प्रमुख निर्देश (Key Instructions)

इमरजेंसी सेवाएं (24×7)

ट्रॉमा सेंटर, ICU, बर्न यूनिट और ऑपरेशन थिएटर चौबीसों घंटे खुले रहेंगे।

मेडिकल स्टाफ ड्यूटी

सभी डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों का विशेष ड्यूटी रोस्टर तैयार।

जीवनरक्षक सामग्री

दवाएं, ड्रेसिंग किट, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक।

सामूहिक आपदा (Triage)

भगदड़ या आग की स्थिति में ‘ट्रायेज व्यवस्था’ से होगा प्राथमिकता पर इलाज।

अग्नि सुरक्षा (Fire Safety)

अस्पतालों के फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरण और निकासी मार्ग दुरुस्त रहेंगे।

जवाबदेही (Accountability)

लापरवाही मिलने पर नोडल अधिकारी और कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई।

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