Agricultural scientists addressing farmers during the RPL training program at Krishi Vigyan Kendra Baksha in Jaunpur

जौनपुर: कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा में RPL आधारित कृषक प्रशिक्षण शुरू

जौनपुर: कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा में ‘आरपीएल’ आधारित कृषक प्रशिक्षण का शुभारंभ, किसानों को मिलेगी नई दिशा”

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट

कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को जिले के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), बक्शा में किसानों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज हुआ।

कृषि विभाग द्वारा ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन’ (आत्मा – ATMA) योजना के अंतर्गत इस ‘आरपीएल’ (Recognition of Prior Learning – पूर्व शिक्षण मान्यता) आधारित कृषक प्रशिक्षण की शुरुआत की गई है।

इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और खेती-किसानी में नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देना है।

1 सितंबर तक चलेगा प्रशिक्षण, जानें क्या सीखेंगे किसान

यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसे ब्लॉक-वार तरीके से संचालित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक के किसानों के लिए दो-दो दिन का सत्र निर्धारित है।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है:

  • उन्नत कृषि तकनीकें और आधुनिक कृषि उपकरणों का सही उपयोग।

  • बीज चयन, फसल संरक्षण और मृदा (मिट्टी) परीक्षण की विधियां।

  • जल प्रबंधन (Water Management) की उन्नत तकनीकें।

  • जैविक (Organic) और प्राकृतिक खेती के लाभ और तरीके।

  • किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी।

प्रशिक्षण के फायदे: योजनाओं में मिलेगी प्राथमिकता

उप परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. रमेश चंद्र यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है।

“दो दिन का प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागी किसानों को एक विशेष प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (Certificate) प्रदान किया जाएगा। सबसे बड़ा लाभ यह है कि प्रशिक्षित किसानों को भविष्य में कृषि आधारित सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।”

कृषि वैज्ञानिकों ने दिए उन्नत खेती और स्वास्थ्य के टिप्स

कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों का मार्गदर्शन किया:

  • ‘संतुलित थाली’ और किचन गार्डन: वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. कंचन ने किसानों को पोषण और ‘संतुलित थाली’ का महत्व समझाया।

  • उन्होंने सलाह दी कि किसान अपने घर के आस-पास ‘किचन गार्डन’ तैयार कर कम लागत में बेहतर पोषण और आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

  • ‘श्री अन्न’ और बीज उत्पादन: कृषि वैज्ञानिक डॉ. रत्नाकर पांडेय ने किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन और ‘श्री अन्न’ (मोटे अनाज/Millets) की खेती के फायदे बताए।

  • सब्जी और फल उत्पादन: डॉ. राजीव सिंह ने सब्जियों, फलों और फूलों की उन्नतशील खेती (Horticulture) की तकनीकी बारीकियां साझा कीं।

इस महत्वपूर्ण शुभारंभ अवसर पर डॉ. रूपेश सिंह, डॉ. हरिओम वर्मा, विषय वस्तु विशेषज्ञ अशोक पाल और बीटीएम राजकुमार भारती सहित लगभग 110 प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।