डीएम ने चकबंदी मामलों पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से मांगा जवाब
जौनपुर: 10 साल से लटकी चकबंदी प्रक्रिया पर DM सख्त, काम में लापरवाही बरतने वाले अफसरों से मांगा स्पष्टीकरण”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : अब्दुल हई राजा की रिपोर्ट
जिले के किसानों और ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बन चुकी दशकों पुरानी चकबंदी (Land Consolidation) प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है।
गुरुवार (20 अगस्त 2026) को जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. ने अपने कैम्प कार्यालय में चकबंदी प्रक्रिया और न्यायालयों में विचाराधीन वादों के निस्तारण को लेकर एक अहम मासिक समीक्षा बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी ने सालों से लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
43 गांवों में 10 साल से अधिक समय से फंसी है चकबंदी
समीक्षा बैठक के दौरान यह चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया कि जौनपुर जनपद में वर्तमान में कुल 91 गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है।
इनमें से लगभग आधे यानी 43 गांव ऐसे हैं, जहां यह प्रक्रिया पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित है।
जिलाधिकारी ने शासन की प्राथमिकताओं का हवाला देते हुए सख्त निर्देश दिए कि:
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शीघ्र और पारदर्शी निस्तारण: 10 वर्ष से अधिक समय से चकबंदी प्रक्रिया वाले गांवों में काम को पूरी शुचिता और तेजी के साथ पूर्ण कराया जाए।
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5 साल पुराने मुकदमों पर फोकस: चकबंदी न्यायालयों में पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों (मुकदमों) का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
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लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज: जिन अधिकारियों के न्यायालयों में 5 साल से पुराने मामलों के निस्तारण की दर बेहद कम पाई गई है, जिलाधिकारी ने उनसे तत्काल स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं।
IGRS शिकायतों की होगी रैंडम चेकिंग
चकबंदी विभाग में आम जनता द्वारा आई०जी०आर०एस० (IGRS) पोर्टल पर दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बन्दोबस्त अधिकारी (चकबन्दी) को निर्देशित किया है कि वे अपने और अपने अधीनस्थ अधिकारियों के पोर्टल पर निस्तारित की गई शिकायतों की नियमित रूप से ‘रैंडम जांच’ (Random Checking) करें,
ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो रहा है।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप संचालक चकबन्दी / अपर जिलाधिकारी (भू०रा०) अजय कुमार अम्बष्ट, बन्दोबस्त अधिकारी (चकबन्दी) शैलेश कुमार सहित सभी चकबन्दी अधिकारी और सहायक चकबन्दी अधिकारीगण मौजूद रहे।











