अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी मामले को लेकर शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा के खिलाफ 'राम रक्षा आंदोलन' को पूरे महाराष्ट्र में तेज करने का निर्देश दिया है।
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: उद्धव ठाकरे ने तेज किया ‘राम रक्षा आंदोलन’, नागपुर (RSS मुख्यालय) तक भाजपा को घेरने का बनाया ‘मास्टरप्लान’
मुंबई : THE POLITICS AGAIN डेस्क: संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि की कथित चोरी के मामले की गूंज अब महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से सुनाई दे रही है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ चौतरफा आक्रामक घेराबंदी शुरू कर दी है।
ठाकरे ने रविवार को शुरू किए गए अपने ‘राम रक्षा आंदोलन’ को अब केवल मुंबई तक सीमित न रखकर, पूरे राज्य के जिला स्तर और प्रमुख शहरों तक ले जाने का ऐलान किया है।
मंगलवार देर शाम उद्धव ठाकरे ने मुंबई के बांद्रा स्थित अपने निजी आवास ‘मातोश्री’ में पार्टी के वरिष्ठ विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (MLCs) के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक की।
इस बैठक में आंदोलन को धार देने और भाजपा को हिंदुत्व के मुद्दे पर घेरने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया।
ठाकरे ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘राम रक्षा आंदोलन’ की आग अब जिलों और नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) तथा रत्नागिरी जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंचनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (उबाठा) का अगला बड़ा लक्ष्य नागपुर है, जो कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय भी है।
बताया जा रहा है कि नागपुर में होने वाले विशाल विरोध प्रदर्शन में स्वयं उद्धव ठाकरे या उनके बेटे व विधायक आदित्य ठाकरे शामिल हो सकते हैं।
आरएसएस के गढ़ में जाकर राम मंदिर चंदा चोरी का मुद्दा उठाना भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक सिरदर्द बन सकता है।
7 जून 2026: राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और चोरी का मामला पहली बार सामने आया था।
25 जून 2026: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में पहली एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी।
अब तक मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एसआईटी की सघन जांच अभी भी जारी है।
बैठक के दौरान ‘राम रक्षा आंदोलन’ के अलावा राज्य के अन्य राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा हुई।
उद्धव ठाकरे ने अपने नेताओं को निर्देश दिया कि वे महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों के जारी ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम पर पैनी नजर रखें ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
इसके साथ ही, एक वरिष्ठ विधायक ने बताया कि बैठक में महाराष्ट्र विधानमंडल के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में पार्टी सदस्यों द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों के प्रदर्शन की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
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