वाणिज्यिक पोतों पर हमले के जवाब में अमेरिकी बलों ने ईरान के कई सैन्य और तटीय ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं, जिससे मध्य पूर्व में शांति वार्ता को बड़ा झटका लगा है।
होरमुज़ जलडमरूमध्य में फिर भड़की चिंगारी: वाणिज्यिक पोतों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर किए भीषण सैन्य हमले, शांति समझौता खटाई में”
नई दिल्ली : THE POLITICS AGAIN डेस्क (इंटरनेशनल रिपोर्ट): संतोष सेठ की रिपोर्ट
वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा की जीवनरेखा कहे जाने वाले ‘होरमुज़ जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में एक बार फिर बारूद की गंध फैल गई है।
बुधवार तड़के अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए भीषण हमलों ने मध्य पूर्व को फिर से एक बड़े युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
यह सैन्य कार्रवाई उस वक्त हुई जब महज कुछ ही घंटे पहले इस रणनीतिक जलमार्ग में तीन वाणिज्यिक पोतों (Commercial Vessels) को निशाना बनाया गया था।
इस ताजा घटनाक्रम ने न केवल दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि युद्ध समाप्त करने के लिए हुए हालिया ‘अंतरिम समझौते’ के भविष्य पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब दोनों पक्ष 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत की मेज पर थे।
इस कूटनीतिक वार्ता का मुख्य उद्देश्य होरमुज़ जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए पूरी तरह से फिर से खोलना था।
इसके अलावा, तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को प्रतिबंधित करना और क्षेत्र में स्थिरता लाना भी इस वार्ता के अहम बिंदु थे।
बुधवार को हुए इस नाटकीय घटनाक्रम ने इन संवेदनशील वार्ताओं को पटरी से उतार दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि इन हमलों से उन कूटनीतिक प्रयासों के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं जो पिछले कुछ हफ्तों से युद्धविराम की जमीन तैयार कर रहे थे।
एक तरफ जहाँ शांति का रास्ता तलाशा जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती सैन्य आक्रामकता ने इस समझौते को ढहने की कगार पर पहुंचा दिया है।
‘यूएस सेंट्रल कमांड’ (US Central Command) ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में पुष्टि की है कि अमेरिकी बलों ने एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में वाणिज्यिक पोतों पर हुए हमले के जवाब में यह कार्रवाई की है।
अमेरिकी अधिकारियों ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि सेना ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना रही है, जिनमें शामिल हैं:
वायु रक्षा प्रणालियां (Air Defense Systems)
तटीय निगरानी प्रणालियां
जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAM)
पोत-रोधी क्रूज मिसाइलें और ड्रोन के प्रक्षेपण स्थल
ईरान की प्रमुख बंदरगाह सुविधाएं
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ये हमले कई घंटों तक जारी रह सकते हैं। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने ‘केशम’ और ‘बंदर अब्बास’ में तेज धमाकों की आवाज सुनाई देने की पुष्टि की है।
गौरतलब है कि पिछले महीने के अंत में भी पोतों पर ईरान के हमलों और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई की ऐसी ही घटनाएं हुई थीं।
तीन तेल टैंकरों पर ईरान द्वारा हमला किए जाने के कुछ घंटों बाद ही अमेरिका ने कड़ा कदम उठाते हुए वह लाइसेंस रद्द कर दिया था, जिसके तहत अंतरिम समझौते के हिस्से के रूप में ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति दी गई थी।
होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कुल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा (पांचवां हिस्सा) इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है।
यहाँ होने वाली किसी भी बड़ी सैन्य झड़प का सीधा और विनाशकारी असर वैश्विक तेल कीमतों, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
बुधवार तड़के शुरू हुआ यह सैन्य टकराव साफ करता है कि मध्य पूर्व में शांति की राह कितनी नाजुक है।
अंतरिम समझौते के मलबे पर अब एक पूर्णकालिक युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। क्या दोनों देश एक बार फिर कूटनीति की मेज पर लौटेंगे, या यह चिंगारी एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लेगी, यह आने वाले कुछ घंटों के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
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