Indian Politics 2026.

“शाम 5 बजे तक माफी मांगें राहुल गांधी, वरना…”: किरेन रिजिजू का अल्टीमेटम, गलतबयानी पर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की तैयारी

“संसद के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार चरम पर पहुंच गई है”

नई दिल्ली/संसदीय ब्यूरो: “The Politics Again”  संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने और गलतबयानी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

रिजिजू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी को आज शाम 5 बजे तक अपने बयान पर माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि राहुल माफी नहीं मांगते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ ‘विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव’ (Privilege Motion) लाएगी।

बिना नोटिस आरोप लगाने पर आपत्ति

किरेन रिजिजू ने संसदीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने संसदीय परंपराओं की धज्जियां उड़ाई हैं।

उन्होंने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही के स्पष्ट नियम हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले स्पीकर को विधिवत नोटिस देना होता है और ठोस सबूत पेश करने होते हैं।

राहुल गांधी ने बिना पूर्व सूचना और बिना किसी प्रमाण के गंभीर आरोप लगाए हैं, जो नियमों के खिलाफ है।”

“प्रमाण दें या माफी मांगें”

संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने सदन के भीतर भी राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि वे अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत करें, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे।

रिजिजू ने कहा, “लोकतंत्र में बोलने की आजादी है, लेकिन आप झूठ बोलकर सदन को गुमराह नहीं कर सकते। जवाबदेही तय होनी चाहिए।”

क्या होता है विशेषाधिकार हनन?

यदि राहुल गांधी शाम 5 बजे तक माफी नहीं मांगते हैं और सरकार प्रस्ताव लाती है, तो मामला विशेषाधिकार समिति को सौंपा जा सकता है।

समिति जांच करेगी कि क्या राहुल गांधी ने जानबूझकर सदन को गुमराह किया है। दोषी पाए जाने पर सदन की सदस्यता से निलंबन जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.