दिल्ली मेट्रो की नई छलांग: फेज-5(A) को मंजूरी, अब सेंट्रल विस्टा और इंडिया गेट तक सीधे पहुंचेगी मेट्रो; 2028 तक पूरा होगा काम
“राजधानी दिल्ली की रफ्तार को और तेज करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है”
नई दिल्ली/मेट्रो डेस्क: “The Politics Again” शिल्पा की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली मेट्रो फेज-V(A) को हरी झंडी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 12,014.91 करोड़ रुपये की लागत से तीन नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
जो दिल्ली के दिल ‘सेंट्रल विस्टा’ से लेकर एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली तक कनेक्टिविटी को सुगम बनाएंगे।
सेंट्रल विस्टा के लिए अलग कॉरिडोर
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर है। 9.9 किलोमीटर लंबा यह रूट पूरी तरह से सेंट्रल विस्टा (Central Vista) क्षेत्र को कवर करेगा।
इससे केंद्रीय सचिवालय, इंडिया गेट, भारत मंडपम और हाईकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर जाने वाले हजारों सरकारी कर्मचारियों और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार का अनुमान है कि इससे रोजाना लगभग 2 लाख यात्रियों को फायदा होगा।
क्या है प्लान?
-
कुल लंबाई: 16 किलोमीटर।
-
कॉरिडोर: 3 (आरके आश्रम-इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी-टर्मिनल 1, तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज)।
-
कुल स्टेशन: 13 (जिसमें 10 अंडरग्राउंड और 3 एलिवेटेड होंगे)।
-
डेडलाइन: वर्ष 2028।
कनेक्टिविटी का ‘7-C’ फॉर्मूला
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना प्रधानमंत्री के परिवहन ‘7-C विजन’ (साझा, सुलभ, सुविधाजनक, जाम-मुक्त आदि) के अनुरूप है।
एयरोसिटी से टर्मिनल-1 तक बनने वाला कॉरिडोर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगा।
वहीं, तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज रूट दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के निवासियों के लिए लाइफलाइन साबित होगा।











