VBSPU PhD Admission 2026

पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर : अब साल में दो बार PhD प्रवेश

पूर्वांचल विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला: अब साल में दो बार मिलेगा PhD में प्रवेश, नेट-जेआरएफ वालों को परीक्षा से छूट “

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

शोध (Research) के क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है।

जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (VBSPU) ने अपनी पीएचडी (PhD) प्रवेश प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव किया है।

‘The Politics Again’ की एजुकेशनल डेस्क की रिपोर्ट के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत अब विश्वविद्यालय शैक्षणिक वर्ष में दो बार पीएचडी में प्रवेश देगा।

इस फैसले से उन हजारों शोधार्थियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जो प्रवेश प्रक्रिया के कारण अपना कीमती समय गंवा देते थे।

इन छात्रों को मिलेगी प्रवेश परीक्षा से छूट

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की बुनियादी प्रक्रिया पहले की तरह ही रहेगी। हालांकि, यूजीसी नेट (UGC NET), जेआरएफ (JRF) और अन्य निर्धारित विशेष श्रेणियों के पात्र अभ्यर्थियों को पीएचडी प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) देने से पूरी तरह छूट मिलेगी।

वहीं, जो अभ्यर्थी केवल स्नातकोत्तर (PG) उपाधि के आधार पर आवेदन करेंगे, उनके लिए विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा में शामिल होना और उसे पास करना अनिवार्य होगा।

दो चरणों में होगी प्रवेश प्रक्रिया और DRC

नई प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभागीय शोध समिति (DRC) की बैठकें भी अब साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। पूरी प्रवेश प्रक्रिया दो चरणों में बांटी गई है:

  • पहला चरण: यूजीसी नेट, जेआरएफ और अन्य प्रवेश परीक्षा से छूट प्राप्त अभ्यर्थियों की DRC आयोजित की जाएगी और उन्हें प्रवेश दिया जाएगा।

  • दूसरा चरण: इसके बाद, प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए DRC आयोजित होगी।

  • इन दोनों चरणों के बाद ही आरडीसी (RDC), शुल्क जमा करने और शोध निर्देशक (Guide) आवंटन की अंतिम प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कुलपति का विजन: “शोध गतिविधियों को मिलेगी गति”

इस नई पहल से विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में रिक्त पड़ी शोध सीटों का बेहतर और शत-प्रतिशत उपयोग हो सकेगा।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा, “विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य शोध गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ाना और योग्य अभ्यर्थियों को समयबद्ध तरीके से अवसर उपलब्ध कराना है।

इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए साल में दो बार पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया संचालित करने की तैयारी की गई है, ताकि हमारे शोधार्थियों को अधिक सुविधा और बेहतर भविष्य मिल सके।”