पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा: भारी बारिश के बीच अभेद्य सुरक्षा, जानें शेड्यूल

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा: भारी बारिश के अलर्ट के बीच अभेद्य सुरक्षा घेरा, AI और ड्रोन से निगरानी; जानें पूरा शेड्यूल”

पुरी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भारी बारिश के अलर्ट के बीच, ओडिशा का पवित्र शहर पुरी भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विश्व प्रसिद्ध सालाना रथ यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है।

लाखों श्रद्धालुओं के ऐतिहासिक जनसैलाब और मौसम विभाग द्वारा जारी 143.8 mm बारिश की ‘रेड वॉर्निंग’ को देखते हुए, प्रशासन ने सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट को एक नए और अत्याधुनिक स्तर पर पहुंचा दिया है।

ज़मीन, आसमान से लेकर समंदर तक… पुरी को एक अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। इस बार रथ यात्रा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा रोल है।

AI, ड्रोन और 13,000 जवानों का कड़ा पहरा

रथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने ‘मल्टी-लेयर सिक्योरिटी’ (कई स्तरों वाली सुरक्षा) लागू की है:

  • AI और फेस रिकग्निशन: क्राइम ब्रांच के DIG बट्टुला गंगाधर ने बताया कि एक ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ बनाया गया है।

  • पूरे शहर में CCTV सर्विलांस के साथ-साथ ‘AI एनालिटिक्स’ और ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS)’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे भीड़ को कंट्रोल करने और संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

  • हवाई और समुद्री गश्त: सुरक्षा के लिए आसमान में ड्रोन और एंटी-ड्रोन डिवाइस तैनात हैं। वहीं समंदर के रास्ते किसी भी खतरे से निपटने के लिए भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड और मैरीटाइम पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीमें गश्त कर रही हैं।

  • भारी बल तैनात: ADG (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार के अनुसार, 13,000 पुलिसकर्मी, केंद्रीय बलों की 15 कंपनियां, NSG कमांडो और 500 लाइफगार्ड (समुद्र तट पर) तैनात किए गए हैं। एंटी-सबोटाज टीमें और बम स्क्वाड भी चप्पे-चप्पे पर नज़र रखे हुए हैं।

भारी बारिश का अलर्ट और जलभराव से निपटने की तैयारी

रथ उत्सव से ठीक पहले पुरी में 143.8 mm की ज़बरदस्त बारिश हुई है, जिसे लेकर मौसम विभाग ने ‘रेड वॉर्निंग’ जारी की है।

भक्त 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर से 2.6 किमी दूर ‘श्री गुंडिचा मंदिर’ तक रथ खींचते हैं। पुरी के कलेक्टर डीजे परिडा ने बताया कि ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) से बारिश का पानी तुरंत निकालने के लिए हाई-कैपेसिटी पंप लगाए गए हैं ताकि जुलूस में कोई रुकावट न आए।

क्या है रथ यात्रा का पूरा शेड्यूल (Timing)?

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी के अनुसार, भगवान बलभद्र का रथ ‘तालध्वज’, देवी सुभद्रा का ‘दर्पदलन’ और भगवान जगन्नाथ का ‘नंदीघोष’ तैयार हैं। रस्मों का समय इस प्रकार है:

  • सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक: ‘पहांडी रस्म’ (भगवान की मूर्तियों को गर्भगृह से बाहर लाकर रथों पर विराजमान करने की पवित्र प्रक्रिया)।

  • दोपहर (अनुमानित): ‘छेरा पंहरा रस्म’ – पुरी के राजा (गजपति महाराजा) द्वारा पारंपरिक रूप से सोने की झाड़ू से रथ की सफाई की जाएगी। इसके बाद पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती दर्शन करेंगे।

  • शाम 4:00 बजे से: मुख्य आकर्षण शुरू होगा! जब लाखों भक्त ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के साथ पवित्र रथों को खींचना शुरू करेंगे।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और कई मंत्री खुद आयोजन की निगरानी के लिए पुरी में मौजूद हैं। राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति को भी इस पावन यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सिर्फ सरकारी कर्मचारी के रूप में नहीं, बल्कि ‘भगवान के समर्पित सेवक’ के भाव से अपनी ड्यूटी निभाएं।