पंजाब चुनाव 2027: तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे नितिन नवीन
पंजाब चुनाव 2027: सभी 117 सीटों पर अकेले हुंकार भरेगी BJP! तीन दिवसीय दौरे पर रणनीति तैयार करने पहुंचे नितिन नवीन “
अमृतसर/चंडीगढ़: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पंजाब में अगले साल (2027) होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी राजनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय नेता नितिन नवीन 20 जून से राज्य के तीन दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर पंजाब पहुंच रहे हैं।
उनका यह दौरा महज एक संगठनात्मक यात्रा नहीं है, बल्कि किसान आंदोलन के बाद सिख समुदाय और ग्रामीण इलाकों में पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ाने का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
इस तीन दिवसीय प्रवास के दौरान नितिन नवीन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ-साथ कई मैराथन संगठनात्मक बैठकें करेंगे।
नितिन नवीन का 3-दिवसीय पंजाब दौरा कार्यक्रम
पार्टी के संगठन विस्तार और धार्मिक-सामाजिक नेतृत्व से संवाद स्थापित करने के लिए नितिन नवीन का पूरा शेड्यूल तैयार किया गया है:
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दिन और तारीख |
प्रमुख कार्यक्रम और बैठकें |
स्थल / क्षेत्र |
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शनिवार, 20 जून |
धार्मिक स्थलों पर मत्था टेकना और भाजपा कोर कमेटी की बैठक |
अमृतसर (गोल्डन टेम्पल, जलियांवाला बाग, दुर्गियाना मंदिर, वाल्मीकि तीर्थ) |
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रविवार, 21 जून |
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम और शक्ति केंद्र प्रभारियों से संवाद |
प्रदेश पदाधिकारी एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक नेता |
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सोमवार, 22 जून |
सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और जिला अध्यक्षों के साथ बैठक |
सांगठनिक समीक्षा और चुनावी रोडमैप |
अब ‘जूनियर पार्टनर’ नहीं, सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
पंजाब की सियासत में भाजपा पारंपरिक रूप से अकाली दल के साथ छोटे भाई (जूनियर पार्टनर) की भूमिका में चुनाव लड़ती आई थी। लेकिन हालिया घटनाक्रमों और इस दौरे से पार्टी नेतृत्व ने बेहद स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।
बड़ा राजनीतिक बदलाव: भाजपा अब पंजाब में बैसाखियों के सहारे नहीं, बल्कि अपने दम पर एक बड़ा राजनीतिक विकल्प बनने की तैयारी में है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने साफ कर दिया है कि भाजपा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर पूरी मजबूती के साथ अकेले चुनाव लड़ेगी।
संगठन विस्तार और इन 4 कोर मुद्दों पर फोकस
पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने पंजाब के शहरी क्षेत्रों से बाहर निकलकर ग्रामीण इलाकों और नए सामाजिक समूहों में पैठ बनाने के लिए बूथ स्तर पर काम किया है।
2027 के चुनावी समर में मौजूदा राज्य सरकार की नाकामियों को घेरने के लिए भाजपा ने मुख्य रूप से 4 मुद्दों पर फोकस करने की योजना बनाई है:
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नशे का संकट: पंजाब के युवाओं को गर्त में धकेल रहे ड्रग्स नेटवर्क को खत्म करने में मौजूदा सरकार की नाकामी।
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अवैध धर्मांतरण: राज्य के सीमावर्ती इलाकों में हो रहे कथित धर्मांतरण के मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाना।
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बेरोजगारी: युवाओं के पलायन और रोजगार के अवसरों की कमी को बड़ा मुद्दा बनाना।
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धार्मिक और सामाजिक संवाद: सिखों और दलित समुदायों के सामाजिक-धार्मिक नेतृत्व से सीधा संवाद स्थापित कर पुरानी दूरियों को कम करना।











